हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है. राज्य में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं. एक ओर ऊंचाई वाले क्षेत्रों (लाहौल-स्पीति, रोहतांग) में ताजा बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, तो वहीं ऊना और मंडी जैसे मैदानी जिलों में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश में 17 मार्च तक मौसम खराब रहने और कई स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है.
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से लाहौल-स्पीति के रोहतांग दर्रे और शिंकुला दर्रे में हल्की बर्फबारी हो रही है. प्रशासन का अलर्ट: लगातार हो रही बर्फबारी को देखते हुए पुलिस थाना जांस्कर और लाहौल-स्पीति प्रशासन ने एहतियातन शिंकुला दर्रे को वाहनों की आवाजाही के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि मौसम पूरी तरह साफ होने और सड़क सुरक्षित होने तक इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें.
मैदानी इलाकों में गर्मी का सितम, ऊना में पारा 33.2°C
जहां पहाड़ों पर बर्फ गिर रही है, वहीं मैदानी जिलों में तेज धूप के कारण तापमान में भारी उछाल आया है. बुधवार को कई जिलों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया:
- ऊना: 33.2 डिग्री सेल्सियस (सबसे गर्म)
- नेरी: 32.3 डिग्री सेल्सियस
- बरठीं: 31.4 डिग्री सेल्सियस
- सुंदरनगर: 30.7 डिग्री सेल्सियस
- मंडी: 30.2 डिग्री सेल्सियस
- सोलन: 30.0 डिग्री सेल्सियस
17 मार्च तक मौसम खराब, ओलावृष्टि का ‘येलो अलर्ट’
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, गुरुवार (12 मार्च) को कई स्थानों पर तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है, जिसके लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है. 17 मार्च तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रहेगा. इस दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं. राजधानी शिमला, मनाली और धर्मशाला में बादल छाने और बारिश होने से ठंड फिर से लौट आई है और लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं.
डेढ़ महीने बाद बारिश से उम्मीद, लेकिन ओलों ने बढ़ाई चिंता
प्रदेश में करीब डेढ़ महीने से चल रहा ‘ड्राई स्पैल’ (सूखा) टूटने से किसानों और बागवानों में नई उम्मीद जगी है. हालांकि, कुल्लू के भुंतर क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है. इन दिनों प्लम (Plum) के पौधों में फूल खिले हुए थे, जिन्हें अचानक गिरे ओलों से भारी नुकसान पहुंचा है.