सिरमौर जिले में पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. पांवटा साहिब क्षेत्र में कई गांवों की महिलाएं जंगल में पहुंचीं और पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया. महिलाओं का कहना है कि अगर पेड़ों को काटने की कोशिश की गई तो वे किसी भी कीमत पर इसे नहीं होने देंगी.
दरअसल, अजोली पंचायत के तहत घुमंतू गुज्जरों की अस्थायी बस्ती तक सड़क बनाने का प्रस्ताव है. इस सड़क के निर्माण के लिए करीब 70 पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग की ओर से मार्क किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि सड़क को सुरक्षित और चौड़ा बनाने के लिए पेड़ों को हटाना जरूरी है.
लेकिन इस फैसले के खिलाफ आसपास के गांवों के लोग खुलकर सामने आ गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यहां पहले से ही एक सड़क मौजूद है, जिसका उपयोग कई वर्षों से किया जा रहा है. यह सड़क राजस्व रिकॉर्ड में भी दर्ज है. ऐसे में दूसरी सड़क बनाने के लिए हरे-भरे पेड़ों को काटने की जरूरत नहीं है.
महिलाओं ने पेड़ों को बांधे रक्षा सूत्र
किशन कोट मुंगलावाला, ज्वालापुर और नारीवाला पंचायत की महिलाएं जंगल में पहुंचीं और पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया. महिलाओं ने कहा कि पेड़ सिर्फ लकड़ी नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण और जीवन का आधार हैं. इसलिए वे पेड़ों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगी.
महिलाओं ने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने पंचायत से कथित तौर पर जाली हस्ताक्षर करवा कर सड़क का प्रस्ताव आगे बढ़ाया है. ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए.
ग्रामीणों और खासकर महिलाओं का कहना है कि वे किसी भी हाल में पेड़ों को नहीं कटने देंगी. उनका कहना है कि जब पहले से सड़क मौजूद है तो दूसरी सड़क बनाने के नाम पर जंगल को नुकसान पहुंचाना ठीक नहीं है.
महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि अगर पेड़ काटने की कोशिश की गई तो वे सड़क निर्माण का विरोध करेंगी. उनका कहना है कि “पेड़ काटने से पहले हमारी गर्दन पर आरी चलेगी, लेकिन हम जंगल को उजड़ने नहीं देंगे.”
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस फैसले पर दोबारा विचार किया जाए और पेड़ों की कटाई को तुरंत रोका जाए.