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‘हमें अपना कामकाज बंद करने पर मजबूर होना पड़ेगा’, LPG का जिक्र कर बोले कश्मीर के होटल मालिक

कश्मीर घाटी में पर्यटन के पीक सीजन और रमजान के पवित्र महीने के बीच एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है. कश्मीर के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी उद्योग (होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग) में अफरा-तफरी मचा दी है. 9 मार्च को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सप्लाई में प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जिसके चलते कमर्शियल कामकाज पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गया है.

इस अचानक आए संकट पर कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (KCC&I) ने गहरी चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से तुरंत दखल देने की अपील की है. श्रीनगर के एक होटल मालिक साहिल फारूक ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा, “टूरिस्ट सीजन बस शुरू ही होने वाला है. सप्लायरों से गैस मिलना मुश्किल हो गया है. अगर यही हालात रहे, तो हमें अपना कामकाज बंद करने पर मजबूर होना पड़ेगा.” दरअसल, होटलों और रेस्टोरेंटों के पास बड़े पैमाने पर खाना पकाने का कोई दूसरा पारंपरिक या वैकल्पिक साधन मौजूद नहीं है, इसलिए गैस की किल्लत उनके अस्तित्व पर सीधा प्रहार कर रही है.

गोदामों में गैस का स्टॉक है, लेकिन नियमों ने बांधे हाथ

कश्मीर LPG गैस डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जगमोहन रैना ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कश्मीर में गैस की कोई कमी नहीं है. उन्होंने बताया, “हमारे गोदामों में 5 दिनों का स्टॉक मौजूद है, लेकिन हम सरकारी निर्देशों से बंधे हैं. हमें सिर्फ अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को ही कमर्शियल गैस सप्लाई करने का आदेश है.” डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार को पत्र लिखकर पर्यटन उद्योग को इस पाबंदी से छूट देने की मांग की है, क्योंकि पर्यटन ही कश्मीर की अर्थव्यवस्था की मुख्य रीढ़ है.

2025 की मंदी से उबरने की थी उम्मीद, अब नई चिंता

कश्मीर का पर्यटन उद्योग 2025 में पहले ही एक मुश्किल दौर से गुजर चुका है. बीते साल पर्यटकों की संख्या भारी गिरावट के साथ महज 11.16 लाख रह गई थी. इस साल कारोबारियों को उम्मीद थी कि वे उस नुकसान से उबर जाएंगे, लेकिन इस LPG संकट ने मेहमानों के स्वागत की तैयारियों पर पानी फेर दिया है. KCCI ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो कई जगहें बंद हो जाएंगी और बड़े पैमाने पर नौकरियां जाएंगी.

रमजान, ईद और घरेलू उपभोक्ताओं पर भी भारी असर

सरकार के आश्वासनों के बावजूद, घरेलू ग्राहकों के लिए भी हालात अच्छे नहीं हैं. आम ग्राहकों को गैस सिलेंडर मिलने में भारी दिक्कत हो रही है. श्रीनगर की एक गैस एजेंसी के कर्मचारी आदिल अहमद ने बताया, “आज सुबह आए 336 सिलेंडर देखते ही देखते खत्म हो गए. सिलेंडरों की भारी मांग है और बुकिंग के बाद 21 से 25 दिनों की वेटिंग चल रही है.” कश्मीर में अभी रमजान का पवित्र महीना चल रहा है और कुछ ही दिनों में ईद आने वाली है. ऐसे समय में इफ्तार और जश्न के लिए रेस्टोरेंट, बेकरी और कैटरिंग के कारोबार में भारी मांग होती है. कमर्शियल गैस न मिलने से इन कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.

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