सतलज नदी के पानी को लेकर पंजाब और राजस्थान सरकार के बीच का विवाद और गहरा गया है. पंजाब के सीएम भगवंत मान की ओर से राजस्थान पर सतलज नदी के पानी की 1.44 लाख करोड़ रुपए की रॉयल्टी की डिमांड किए जाने पर राजस्थान सरकार ने अब जवाब दिया है. राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने कहा है कि पानी की रॉयल्टी की डिमांड करना पूरी तरह गलत है.
साल 1920 में ब्रिटिश हुकूमत ने किया था समझौता
साल 1920 में ब्रिटिश हुकूमत ने समझौता किया था. पानी देना या रोकना किसी एक राज्य की नहीं बल्कि केंद्र की जिम्मेदारी है. केंद्रीय जल आयोग इसकी निगरानी करता है. राजस्थान के जल संसाधन विभाग के मंत्री सुरेश रावत ने कहा, ” एक राज्य दूसरे राज्य से पानी के बदले पैसा नहीं ले सकता है. किसी तरह की रॉयल्टी का कोई पैसा नहीं बनता है.”
राजस्थान सरकार पानी के बदले कोई पैसा नहीं देगी- सुरेश रावत
राजस्थान के मंत्री सुरेश रावत ने आगे कहा, ”राजस्थान सरकार पानी के बदले कोई पैसा नहीं देगी. यह पूरी तरह से सियासी साजिश है. भगवंत मान चुनाव से पहले पंजाब में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. राजस्थान सरकार बैठक और बातचीत के लिए तो तैयार है लेकिन किसी तरह का कोई पैसा नहीं देगी. विवाद के बावजूद राजस्थान में पेयजल की कोई दिक्कत नहीं होगी. राजस्थान के पास गर्मी के इस सीजन के लिए पर्याप्त पानी है.
पंजाब CM भगवंत मान ने क्या कहा?.
वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री ने भगवंत मान ने कहा था, ”ब्रिटिश काल में बीकानेर के साथ साल 1920 में हुए समझौते के तहत 1960 तक पंजाब से 18,000 क्यूसेक पानी लगातार प्रदान किया गया, लेकिन सिंधू जल समझौते के बाद इस व्यवस्था का कोई जिक्र नहीं किया गया. अगर हम 1960 से 2026 तक के बकाये का हिसाब लगाएं तो राजस्थान पर पंजाब का 1.44 लाख करोड़ रुपये बकाया है.”