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शंकराचार्य विवाद पर घिरी यूपी सरकार ने विपक्ष को दिया एक और मौका! UP SI परीक्षा के सवाल पर विवाद

उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर नया विवाद सामने आया है. इस परीक्षा के पेपर में पूछे गए एक सवाल पर आपत्ति जताई जा रही है. यह प्रशन हिंदा का है…प्रश्न था- ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’, जिसके विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द भी दिया गया था. इस विकल्प को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताते हुए इसे आपत्तिजनक बताया है. 

शंकराचार्य विवाद पर घिरी यूपी सरकार ने विपक्ष को एक और मौका दे दिया है. अब यह मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने उत्तर प्रदेश सरकर पर निशाना साधते हुए इसे संवेदनशील विषय बताया. सोशल मीडिया पर भी इस प्रश्न को लेकर बहस तेज हो गई है और परीक्षा कराने वाली एजेंसी से स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है.

भर्ती के लिए अभ्यार्थियों ने किया ऑनलाइन आवेदन

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पुलिस उपनिरीक्षक (दारोगा) और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई है. यह परीक्षा 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 75 जिलों में आयोजित की जा रही है. सुबह से ही परीक्षा केंद्र पर भीड़ देखने को मिली. बोर्ड की ओर से 4543 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है. भर्ती के लिए कुल 1575760 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, जिनमें 1166386 पुरुष और 409374 महिलाएं शामिल हैं.

क्या था शंकराचार्य का पूरा विवाद?

माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या स्नान को लेकर विवाद शुरू हुआ था. प्रशासन का आरोप है कि शंकराचार्य पालकी पर बैठकर प्रतिबंधित मार्ग से गंगा स्नान के लिए जाना चाहते थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी. वहीं शंकराचार्य पक्ष का कहना है कि पुलिस और प्रशासन ने उनके साथ आए बटुकों के साथ मारपीट की और उनके बाल तक खींचे. इस मुद्दे पर सदन में भी तीखी बहस देखने को मिली और इसके बाद प्रदेश की राजनीति और गरमा गई.

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छात्र समिति ने भी जताई नाराजगी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले पर प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति ने भी नाराजगी जताई है. समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों का चयन बेहद सावधानी से किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि ऐसे शब्दों या विकल्पों से बचना चाहिए जिनसे किसी वर्ग की भावना आहत हो या विवाद की स्थिति बने. उन्होंने आयोग से इस प्रश्न की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर इसके अंक सभी अभ्यर्थियों को देने की मांग की है.

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