शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गो प्रतिष्ठा धर्म युद्ध यात्रा का आज सोमवार (9 मार्च) को तीसरा दिन रहा. शंकराचार्य ने लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर की यात्रा की और दर्जन भर जगहों पर भव्य स्वागत हुआ और इसी बीच बुलडोजर से फूल भी बरसाए गए. शंकराचार्य की गो प्रतिष्ठा धर्म युद्ध यात्रा का तीसरा दिन उत्साह से भरा दिखाई दिया. शंकराचार्य उन्नाव से चले और बांगरमऊ मल्लावा चौराहा होते हुए माधवगंज पहुंचे इस दौरान भक्तों ने फूल बरसाकर शंकराचार्य का स्वागत किया.
हरदोई के बघौली चौराहे पर जब शंकराचार्य का काफिला पहुंचा तब भक्तों ने बुल्डोजर पर चढ़कर उन पर फूल बरसाए. इस दौरान शंकराचार्य ने आशुतोष ब्रह्मचारी के यात्रा रोकने की मांग को लेकर प्रतिक्रिया दी और कहा कि ये यात्रा गौ रक्षा के लिए है और इसे कौन रोकना चाहेगा. शंकराचार्य ने कहा कि मैं भागने वाला नहीं हूं लेकिन मुझे लगता है मुझे गायब करने की साजिश हो रही है.
नैमिषारण्य में शंकराचार्य ने किया शक्तिपीठ का दर्शन
शंकराचार्य का काफिला नैमिषारण्य के मां ललिता देवी मंदिर पहुंचा. इस दौरान भक्तों की भीड़ के बीच जब शंकराचार्य का वाहन मंदिर में घुसने लगा तब पुरोहितों ने हल्का विरोध जताया उसके बाद माहौल शांत हुआ. शंकराचार्य ने माता के दरबार में शीश नवाया और अपने विश्राम स्थल की ओर पहुंचे. इस यात्रा के चौथे शंकराचार्य 10 बजे नैमिषारण्य में दर्शन पूजन करेंगे. इसके बाद सिधौली और ईटौजा होते हुए लखनऊ पहुंचेंगे और ग्यारह तारीख को धर्मयुद्ध का शंखनाद लखनऊ के कांशीराम मैदान से करेंगे.
शंकराचार्य को मिली सशर्त अनुमति
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लखनऊ के कार्यक्रम की अनुमति 16 बिंदुओं का पालन करने को लेकर मिल गई है. अनुमान है कि इस दिन भारी हुजूम उमड़ेगा.
यात्रा के पहले दूसरे दिन भी दिखा उत्साह
वाराणसी के विद्यामठ से गोपूजन और चिंतामणि गणेश के दर्शन के बाद संकट मोचन मंदिर में शीश नवकार शंकराचार्य ने यात्रा की शुरुआत की. वाराणसी से जौनपुर पहुंचे और सुल्तानपुर के रास्ते रायबरेली पहुंचे जहां रात्रि विश्राम किया. पूरे रास्ते एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर शंकराचार्य का स्वागत हुआ चार जगह शंकराचार्य ने जनता को गोरक्षा के प्रति जागरूक किया और रायबरेली पहुंचे. शंकराचार्य ने कमरे के इंतजाम को बदला और गड्ढे हटाकर जमीन पर सोए.
सीएम को लेकर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना को दी चेतावनी
सीएम को लेकर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना को शंकराचार्य ने चेतावनी देते हुए कहा कि सीएम योगी से मतभेद हो सकता है लेकिन मां तो सबकी है वो मेरी भी मां है. शंकराचार्य ने अपील किया कि ऐसे लोगों का समुदाय बहिष्कार करें.