‘वन नेशन वन इलेक्शन’ को लेकर जेपीसी की बैठक पर DPAP के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि कौन किस पार्टी से है, इससे कुछ लेना देना नहीं है. ये देश के हित में है. जो लाखों कर्मी चुनाव में लगते हैं उनका समय बचेगा. इतनी पुलिस लगती है उस पर लाखों का खर्च आता है. विकास होगा और सरकार का सारा समय काम करने में लगेगा.
एक राष्ट्र एक चुनाव (ONOE) पर जेपीसी की 9 मार्च 2026 को बैठक हुई. जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा, ”वन नेशन वन इलेक्शन देश के लिए फायदेमंद साबित होगा. यह देश के विकास और सशक्त राष्ट्र निर्माण की दिशा में अहम कदम है.”
‘एक साथ चुनाव होने से समय की बचत और विकास’
उन्होंने आगे कहा, ”एक राष्ट्र एक चुनाव से पांच सालों की अवधि में बार-बार होने वाले चुनावों में लगने वाले समय की बचत होगी. एक साथ चुनाव होने से नेतृत्व अपना समय और ऊर्जा पूरी तरह से शासन और विकास पर केंद्रित कर सकेगा.”
देश की अखंडता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा-आजाद
पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने ये भी कहा कि ONOE को लागू करने से न तो लोकतांत्रिक सार पर और न ही राष्ट्र की संघीय अखंडता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा, ”ONOE स्थानीय नेतृत्व को प्रोत्साहित करके विपक्ष को फायदा पहुंचाएगा. चुनाव प्रचार के लिए केंद्रीय मंत्रियों पर ज्यादा निर्भर रहने के बजाय क्षेत्रीय स्तर के नामी चेहरे प्रचार की कमान संभालेंगे.
JPC के चेयरमैन पीपी चौधरी क्या बोले?
एक देश एक चुनाव को लेकर JPC के चेयरमैन और बीजेपी सांसद पीपी चौधरी ने कहा कि माहौल मिलकर काम करने वाला था, और सभी पार्टी लाइन से ऊपर उठकर काम करने के लिए सहमत थे. वे इस बात पर सहमत थे कि देश के हित में वन नेशन वन इलेक्शन होना चाहिए.