संसद बजट सत्र के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर केंद्रीय मंत्री और जेडीयू नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि सदन किसी की मर्जी के अनुसार नहीं चलता है. ऐसा कहीं होता है? सदन लोकतंत्र के स्थापित नियमों के मुताबिक चलता है. आपने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव लाया, वो पंद्रह दिन का समय पूरा हो गया. अब सदन सबसे पहले आपके अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करेगी और आपको उसमें भाग लेना चाहिए लेकिन आप भाग रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा, “विपक्ष की यही हालत है. वे खुद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं और बहस में हिस्सा नहीं लेते हैं. यही उनका रवैया है. उनकी रूचि किसी विषय पर बहस करने की कभी नहीं रहती है.”
VIDEO | Parliament Budget Session 2026: Speaking on the no-confidence motion against Lok Sabha Speaker Om Birla, JD(U)’s Lalan Singh says, “The House does not function as per one’s wishes, but in accordance with the democratic rules of the House.” pic.twitter.com/4f1bTSvApa
— Press Trust of India (@PTI_News) March 9, 2026
विपक्ष की मंशा सदन को बाधित करने की रहती है- ललन सिंह
उन्होंने आगे कहा, ”विपक्ष की एकमात्र मंशा सदन को बाधित करने और उसमें बाधा डालने की रहती है. यही उनका संपूर्ण कार्यशैली है. वे इसी तरह लोकतंत्र चलाना चाहते हैं. सदन जो है वो लोकतंत्र पर बहस करने की जगह है, मुद्दों पर बहस करने की जगह है, जहां मुद्दों पर बहस होती है तो पूरा देश देखता है. जो संसद में जीतकर आते हैं वो देश के 140 करोड़ लोगों की भावना व्यक्त करने के लिए आते हैं.”
#WATCH | Delhi: Union Minister Rajiv Ranjan (Lalan) Singh says, “This is the condition of the opposition: they themselves bring a no-confidence motion against the Speaker, and they themselves don’t participate in the debate. This is their attitude. The opposition’s only interest… pic.twitter.com/qiaiuw0wda
— ANI (@ANI) March 9, 2026
गोल पोस्ट चेंज कर भागना चाहता है विपक्ष- जायसवाल
वहीं, बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कहा, “पार्लियामेंट में किसी भी एजेंडा को लेने के लिए बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग होनी जरूरी है. लोकसभा की ये परंपरा है कि पहले स्पीकर का चुनाव होता है फिर लोकसभा शुरू होती है. आपने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है, इसलिए पहले इस पर बहस होगी. आप जान रहे हैं कि 350 से अधिक वोटों से हार जाएंगे, इसलिए आप गोल पोस्ट चेंज करके भागना चाहते हैं, तो कहिए कि हमें अध्यक्ष पर कोई आपत्ति नहीं है, फिर अध्यक्ष आएंगे और उसके बाद आप जो भी एजेंडा लाने चाहते हैं उसे लाएं.”
रामदास अठावले ने क्या कहा?
उधर, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, “विपक्ष को दोनों सदनों में अशांति फैलाने की आदत है. वे काम नहीं करना चाहते. आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी, लेकिन उन्होंने अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान संघर्ष पर चर्चा का प्रस्ताव रखा. इस संघर्ष पर भारत का रुख स्पष्ट है, हम युद्ध समाप्त करना चाहते हैं और शांति चाहते हैं.”