अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर भारत में साफ तौर से दिखाई दे रहा है. देश के ज्यादातर हिस्सों में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कमर्शियल गैस की कमी से होटल चलाने वाले और छोटे-मोटे स्टॉल पर चाय बेचने वाले दुकानदार भी प्रभावित हुए हैं. कमर्शियल एलपीजी संकट के कारण चाय विक्रेताओं को फिर से कोयले के चूल्हे का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
LPG की किल्लत के कारण कोयले की भट्टी बना रहे-दुकानदार
चाय की दुकान चलाने वाले शिवपाल ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, ”एलपीजी सिलेंडर इस समय नहीं मिल रहे हैं. अब कोयले की भट्टी बना रहे हैं. मेरे पास लास्ट सिलेंडर बचा है, उसके बाद गैस खत्म हो जाएगी. यहां कस्टमर लगातार आते रहते हैं. कल (12 मार्च) से कोयले की भट्टी चालू हो जाएगी. किसी भी तरह से रोजगार तो करना ही है.”
VIDEO | Uttar Pradesh: Tea sellers in Lucknow shift to ‘chulhas’ amid the ongoing crisis caused by the shortage of commercial LPG cylinders.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/xC5Va4doJL
— Press Trust of India (@PTI_News) March 11, 2026
भट्टी बनाने वाले कारीगर ने क्या कहा?
भट्टी बनाने वाले कारीगर ने मीडिया से बातचीत में कहा, ”करीब 25 साल बाद कोयले की भट्टी बना रहा हूं. एलपीजी सिलेंडर खत्म हो गए हैं. चाय नहीं मिल रही है, खाना नहीं मिल रहा है. एजेंसी के कर्मचारी 1500 रुपये का सिलेंडर बेच रहे हैं. वो कह रहे हैं कि केवाईसी कराओ. गैस सिलेंडर नहीं दे रहे इसलिए भूखे कारीगरी कर रहा हूं.”
सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए- ग्राहक
वहीं, चाय की दुकान पर पहुंचे एक ग्राहक ने एलपीजी की किल्लत को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, ”ये बड़ी ही गंभीरता का मुद्दा है. सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए. आम लोग, दुकानदार, रेहड़ी वाले परेशान हो जाएंगे. ये सभी लोग भूखमरी की कगार पर आ जाएंगे. सारा बिजनेस ठप हो जाएगा. सरकार से गुजारिश है कि व्यवस्था को पटरी पर लाया जाए.”
घरेलू LPG सिलेंडर की कमी से आम लोग भी परेशान
बहरहाल होटल-रेस्टोरेंट और अन्य छोटे-मोटे स्टॉल चलाने वाले दुकानदार तो परेशान हैं ही, इसके साथ ही आम लोग भी घरेलू LPG सिलेंडर की कमी से परेशान दिख रहे हैं. घरेलू रसोई गैस सिलेंडर लेने के लिए मारामारी दिख रही है. लोग कई घंटों तक अपना काम धंधा छोड़कर एलपीजी गैस सिलेंडर लेने के लिए अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं.