राज्यसभा में मंगलवार (17 मार्च) को शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने एलपीजी सिलेंडर के मुद्दे पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि यहां सरकार कह रही है कि सब ठीक है लेकिन बाहर जाकर देखें कि क्या परिस्थिति है. उन्होंने कहा कि काशी में सालों से चल रही अन्नपूर्णा महामंदिर की रसोई बंद हो गई है. यहां रोज 10-15 हजार श्रद्धालु रोज प्रसाद खाते थे. लेकिन गैस सिलेंडर की शॉर्टेज से ये बंद हो गई है. उन्होंने कहा कि ईरान की मेहरबानी से तो आपके दो जहाज छूटे हैं. ये भूलो मत.
शिरडी में दो की जगह प्रसाद में मिल रहे एक लड्डू- राउत
राज्यसभा सांसद ने कहा कि महाराष्ट्र के शिरडी में प्रसाद को दो लड्डू मिलते थे, अब सिलेंडर नहीं है तो एक ही लड्डू देते हैं. प्रसाद की थाली में भी कटौती की गई है. मुंबई में हर दिन करीब 20 लाख वड़ा पांव बिकते थे, अब गैस की किल्लत की वजह से 5 लाख वड़ा पाव बिक रहे हैं.
देश के प्रधानमंत्री चुनाव की रैली में व्यस्त हैं- राउत
पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश में गैस का भीषण संकट चल रहा है, लोग चिंता में हैं लेकिन देश के प्रधानमंत्री चुनाव की रैली में व्यस्त हैं. उन्हें अभी दिल्ली में होना चाहिए था. सभी दलों के साथ मीटिंग करनी चाहिए थी.
संजय राउत ने ये भी कहा कि भारत का रुपया लगातार कमजोर हो रहा है. महंगाई बढ़ रही है. युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. किसानों की हालत गंभीर है. महाराष्ट्र में 17 किसानों ने कर्ज चुकाने के लिए अपनी किडनी बेची है.
राज्य में एलपीजी की कोई कमी नहीं- विधानसभा में बोले मंत्री
उधर, महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने विधानसभा में कहा कि राज्य में एलपीजी की कोई कमी नहीं है. पेट्रोल-डीजल का भंडार भी पर्याप्त है. मंत्री ने कहा कि सरकार आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने के लिए कई कदम उठा रही है. विधानसभा में बयान देते हुए मंत्री भुजबल ने कहा, “राज्य में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और स्थिर आपूर्ति बनाए रखने के लिए इसकी घरेलू उपलब्धता 9,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 11,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दी गई है.” उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल का भंडार पर्याप्त है तथा राज्य में इनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
भुजबल ने कहा, “घरेलू एलपीजी की कालाबाजारी और अवैध उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत प्रवर्तन तेज किया गया है. जनवरी से मार्च के बीच 21 जिलों में 2,129 निरीक्षण किए गए, 1,208 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए और 23 मामले दर्ज किए गए.”