हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में इनेलो के दो विधायकों ने वोटिंग नहीं करने का फैसला लिया था. इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इनेलो के विधायकों ने बीजेपी समर्थित प्रत्याशी को मतदान करने का फैसला लिया था लेकिन आखिरी समय में जब पता चल गया कि कांग्रेस की जीत तय है, तब इनेलो के विधायकों ने वोटिंग न करने का निर्णय लिया.
कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा से जब पूछा गया कि इनेलो ने कहा था कि उसने अपने समर्थकों से राय लेकर वोटिंग न करने का फैसला लिया था. इस पर हुड्डा ने कहा, ”पहले इन्होंने कहा तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, फिर कहा साढ़े तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. जब आखिरी समय में देख लिया कि कांग्रेस के उम्मीदवार जीत रहे हैं तब कहा कि अब नहीं जाएंगे. कांग्रेस के 32 वोट आ रहे थे. इनके पल्ले कुछ नहीं है. 90 में इनके पास दो विधायक हैं. पहले एक था अब दो हुए. आगे जीरो हो जाएंगे.”
इनेलो ने राज्यसभा चुनाव में एक बार फिर जता दिया कि वह कभी भी बीजेपी का विरोध नहीं करेगी। इसलिए उसने इस बार भी बीजेपी समर्थित उम्मीदवार को वोट देने का फैसला किया था। लेकिन आखिरी समय में जब पता चल गया कि कांग्रेस की जीत निश्चित है, तब इनेलो ने वोटिंग से दूरी बना ली। pic.twitter.com/63T6n5tpu1
— Bhupinder Singh Hooda (@BhupinderShooda) March 25, 2026
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में 88 विधायकों ने की थी वोटिंग
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर बौद्ध ने जीत दर्ज की है. वहीं बीजेपी समर्थित इंडिपेंडेंट कैंडिडेट सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा. राज्यसभा चुनाव में 88 विधायकों ने वोट डाले थे. इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के दो विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल वोटिंग से दूर रहे थे. 90 सदस्यों वाली विधानसभा में BJP के पास 48 सीटें हैं, कांग्रेस के पास 37 सीटें, इनेलो के पास दो सीटें और निर्दलीय उम्मीदवारों के पास 3 सीटें हैं.
एलपीजी संकट को लेकर क्या बोले भूपेंद्र हुड्डा?
ईरान-इजरायल युद्ध के बीच एलपीजी संकट को लेकर भी भूपेंद्र हुड्डा ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, ”ईरान-इजरायल का युद्ध चल रहा है. इस बीच लोगों में विश्वास की कमी आई है. लोगों के विश्वास को जमाना सरकार का काम है. ये बयान देते हैं कि एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है या अगर कमी है तो स्पष्ट करें. जगह-जगह कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई ठप होने से होटल, रेस्तरां और गैस आधारित अन्य छोटे-बड़े व्यवसाय बंद हो गए हैं या बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. सरकार एक तरफ कहती है कि कोई कमी नहीं है तो फिर लंबी लाइन क्यों लगी हुई है. उन्होंने एलपीजी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर भी रोक की मांग की.