राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. पार्टी ने अलग-अलग राज्यों से कई वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा है. कांग्रेस द्वारा इस लिस्ट में ओबीसी, एससी, एसटी, महिलाओं, ईसाई समुदाय और अन्य वर्गों को भी मौका मिला है.
इस बीच कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने इस लिस्ट में मुस्लिम उम्मीदवार न होने पर नाराजगी जताई है. साथ ही पार्टी को भविष्य में मुसलमानों के प्रतिनिधित्व को लेकर सोचने की सलाह दी है.
सोशल मीडिया पोस्ट में जताई नाराजगी
मुमताज पटेल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि राज्यसभा नामांकन सूची में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा विभिन्न समुदायों ओबीसी, एससी, एसटी, महिलाओं, ईसाई समुदाय और अन्य वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है. बेशक विविधता को ध्यान में रखने का प्रयास स्पष्ट दिखाई देता है.
राज्यसभा नामांकन सूची में Indian National Congress द्वारा विभिन्न समुदायों—OBC, SC, ST, महिलाओं, ईसाई समुदाय और अन्य वर्गों—को प्रतिनिधित्व दिया गया है। बेशक विविधता को ध्यान में रखने का प्रयास स्पष्ट दिखाई देता है।
परंतु यह भी ध्यान देने योग्य है कि इस सूची में मुस्लिम समुदाय…
— Mumtaz Patel (@mumtazpatels) March 5, 2026
उन्होंने आगे लिखा कि परंतु यह भी ध्यान देने योग्य है कि इस सूची में मुस्लिम समुदाय का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है. आशा है कि भविष्य के नामांकनों में इस कमी को दूर किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी के नैरेटिव में नहीं उलझना है.
कांग्रेस ने इन लोगों को बनाया उम्मीदवार
कांग्रेस की ओर से तेलंगाना से अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी, छत्तीसगढ़ से फूलो देवी नेताम, हरियाणा से करमवीर सिंह बौद्ध, तमिलनाडु से क्रिस्टोफर तिलक और हिमाचल प्रदेश से अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है.
वहीं छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की एक सीट के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर वरिष्ठ आदिवासी नेता फूलो देवी नेताम पर भरोसा जताया है. नेताम का वर्तमान कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है और पार्टी ने उन्हें लगातार दूसरी बार उम्मीदवार बनाया है. 54 वर्षीय फूलो देवी नेताम मूल रूप से छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले की निवासी हैं और लंबे समय से आदिवासी समाज की सक्रिय नेता के रूप में जानी जाती हैं.