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राजस्थान की राजकुमारी ने रच दिया इतिहास, सबसे कम उम्र में क्रैक किया CA का एग्जाम

राजस्थान की शेखावाटी की धरती ने एक बार फिर अपने हुनर और प्रतिभा का परिचय देशभर में दिया है. झुंझुनूं जिले की मेधावी छात्रा राजकुमारी पारीक ने यह साबित कर दिया कि अगर मेहनत और लगन साथ हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं, राजकुमारी ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) फाइनल परीक्षा पास कर नया इतिहास रच दिया और देश की सबसे कम उम्र की महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का गौरव हासिल किया. 

राजकुमारी ने यह उपलब्धि महज 19 साल और 126 दिन की आयु में हासिल की, जिससे उन्होंने पहले से मौजूद रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. इससे पहले यह रिकॉर्ड मध्य प्रदेश के मुरैना की नंदिनी अग्रवाल के नाम था, जिन्होंने लगभग 19 साल और 330 दिन की उम्र में CA फाइनल पास किया था. राजकुमारी ने इस रिकॉर्ड को तोड़कर अपने छोटे से शहर झुंझुनूं से देशभर में अपनी पहचान बना दी.

शुरुआती जीवन और शिक्षा

राजकुमारी पारीक का जन्म और पालन-पोषण झुंझुनूं के श्यामनगर, गुढ़ा रोड में हुआ. उनके पिता हेमंत कुमार पारीक अरुणाचल प्रदेश में मोटर पार्ट्स के व्यापारी हैं और माता सावित्री देवी हाउस वाइफ हैं. राजकुमारी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा झुंझुनूं में ही पूरी की, इसके बाद उन्होंने सेठ मोतीलाल पीजी कॉलेज, झुंझुनूं से उच्च शिक्षा ग्रहण की, उनके शैक्षिक सफर की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण का अधिकांश समय अपने गृह जिले में ही बिताया.

CPT और CA इंटरमीडिएट की पढ़ाई उन्होंने स्थानीय स्तर पर पूरी की, आर्टिकलशिप उन्होंने झुंझुनूं की प्रसिद्ध फर्म G N A & Co. से पूरी की बाद में, उन्होंने फाइनल परीक्षा भी पास कर यह साबित कर दिया कि छोटे शहर के छात्र भी देश स्तर पर बड़े कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं. 

कठिन परीक्षा में कम उम्र में सफलता

चार्टर्ड अकाउंटेंसी की परीक्षा को देश की सबसे कठिन पेशेवर परीक्षाओं में से एक माना जाता है. यह परीक्षा इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा आयोजित की जाती है.  राजकुमारी ने इतनी कम उम्र में इस परीक्षा के सभी चरण फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल को सफलतापूर्वक पार किया. उनकी इस उपलब्धि से यह साबित होता है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और कॉन्फिडेंस के साथ कोई भी चुनौती पूरी की जा सकती है. 

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हर तरफ हो रही राजकुमारी की तारीफ 

राजकुमारी की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही सामने आई, झुंझुनूं और पूरे शेखावाटी क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई. सोशल मीडिया पर उनकी मेहनत और लगन की खूब तारीफ हो रही है. कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें यंगेस्ट CA ऑफ द वर्ल्ड भी बताया जा रहा है, हालांकि यह आधिकारिक तौर पर ICAI या गिनीज रिकॉर्ड से प्रमाणित होना बाकी है. राजस्थान के शिक्षा जगत और सरकार ने भी राजकुमारी की इस उपलब्धि की सराहना की है. 

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