उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में रविवार (8 मार्च) की दोपहर उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब व्यस्त हरदिया चौराहे पर एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रक काल बनकर दौड़ा. इस बेकाबू ट्रक ने सामने से आ रही एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक यात्री टेंपो को बुरी तरह रौंद दिया.
इस हृदयविदारक हादसे में दो पुरुषों और एक महिला सहित तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों छोटे वाहन मलबे के ढेर में तब्दील हो गए.
धमाके की आवाज से दहला इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार दोपहर हरदिया चौराहे पर यातायात सामान्य था, तभी एक ट्रक लहरिया काटते हुए बेहद तेज गति से आया. स्थानीय निवासी राम प्रसाद ने बताया कि चालक का ट्रक पर कोई नियंत्रण नहीं था. ट्रक ने पहले कार को अपनी चपेट में लिया और फिर पास से गुजर रहे टेंपो को कुचल दिया.
टक्कर के बाद हुए तेज धमाके की आवाज आधा किलोमीटर दूर तक सुनी गई. दुर्घटना के बाद कार और टेंपो के परखच्चे उड़ गए. कार सवार लोग लोहे की चादरों के बीच इस कदर फंस गए थे कि उन्हें बाहर निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों को गैस कटर का इस्तेमाल करना पड़ा.
अस्पताल में मची चीख-पुकार, एक घायल लखनऊ रेफर
घायलों को मलबे से निकालकर तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया. वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत (ब्रॉट डेड) घोषित कर दिया. वहीं, तीन अन्य घायलों का इलाज जारी है. इनमें से एक व्यक्ति की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर (लखनऊ) के लिए रेफर कर दिया गया है. जैसे ही हादसे की मनहूस खबर मृतकों के परिजनों तक पहुंची, अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया और परिजनों के रुदन से माहौल गमगीन हो गया.
आरोपी चालक फरार, पुलिस की कई टीमें गठित
हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रक चालक मौके का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा. सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और क्षतिग्रस्त वाहनों व ट्रक को कब्जे में लेकर सड़क से मलबा हटवाया, जिसके बाद बाधित यातायात सुचारू हो सका. पुलिस अधीक्षक (SP) के सख्त निर्देश पर फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं. पुलिस दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है.
हादसे के बाद प्रशासन के खिलाफ स्थानीय लोगों में भारी रोष
इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है. लोगों का कहना है कि चौराहे के आसपास बेतरतीब अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं, जिससे बड़े वाहनों को मुड़ने में भारी दिक्कत होती है. नेशनल हाईवे से सटे इन संपर्क मार्गों पर भारी वाहनों की गति सीमा पर प्रशासन का कोई प्रभावी अंकुश नहीं है. इतने व्यस्त चौराहे पर न तो कोई स्पीड ब्रेकर बनाया गया है और न ही चेतावनी वाले बोर्ड (Warning Boards) लगाए गए हैं, जिसके चलते बाहरी जिलों के ड्राइवर तेज रफ्तार से वाहन निकालते हैं और ऐसे जानलेवा हादसे होते हैं.