महाराष्ट्र से भारतीय जनता पार्टी ने राज्यभा के लिए चार उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है. ऐसे में तीसरी बार रामदास अठावले को टिकट दिया गया है. राज्यसभा का उम्मीदवार बनाने के बाद रामदास अठावले ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है.
वहीं उन्होंने अपने टिकट को लेकर भी बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि बीच में यह चर्चा थी कि मुझे राज्यसभा नहीं मिल सकती है. उसमें यह विषय आया था कि बीजेपी जिसको राज्यसभा का टिकट देती है उसको दो बार ही देती है. इसी वजह से चर्चा थी कि मेरा नाम कटने वाला था.
तीसरी बार प्रत्याशी बनाए जाने पर क्या बोले रामदास अठावले?
रामदास अठावले ने कहा कि चर्चा यह भी थी कि मेरा दो बार राज्यसभा का कार्यकाल पूरा हो चुका है तो इसलिए मुझे राज्यसभा नहीं मिलेगी. मेरा पत्ता कट हो सकता है. उन्होंने आगे कहा कि मेरा नाम बिल्कुल नहीं कट सकता है. मैंने बहुत बार बताया है कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं और अगर वह चौथी बार भी अगर बनेंगे तो मैं भी चौथी बार मंत्री बनूंगा.
अठावले ने आगे कहा कि मैं जिन लोगों के साथ रहता हूं उनके विजन के लिए काम करता हूं और पीएम नरेंद्र मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का एजेंडा है. विकास करना उनकी भूमिका है और देश की अर्थव्यवस्था चौथे नंबर पर आई है और वह तीसरे स्थान पर जाने वाली है. उन्होंने आगे कहा कि मुझे देशभर में फिर से काम करने का मौका मिला है जो मैं अच्छी तरह से करता रहूंगा.
मुझे मौका मिलेगा ऐसा विश्वास था- रामदास अठावले
रामदास अठावले ने आग कहा कि राज्यसभा में मुझे मौका मिलेगा ऐसा मुझे विश्वास था. उन्होंने आगे कहा कि मैं भीमराव आंबेडकर की विचारधारा का नेता हूं और उनके मिशन को पूरा करने के लिए मैं काम कर रहा हूं. उसी तरह पीएम मोदी ने मुझे तीसरी बार देशभर के गरीबों, बेरोजगारों का विकास करने का मौका मिला है.
तीसरी बार प्रत्याशी बनाए जाने पर उन्होंने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, नितिन नबीन, राजनाथ सिंह, बीएल संतोष और सबसे ज्यादा योगदान देवेंद्र फडणवीस का योगदान है. उन्होंने मेरे नाम के लिए बहुत कोशिश की. देवेंद्र फडणवीस के प्रयासों से मुझे राज्यसभा के लिए मौका मिला है.
एनसीपी शरद पवार को लेकर क्या कहा?
शरद पवार को प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चाएं तेज हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि शरद पवार एक सीनियर नेता हैं और उनको राज्यसभा में लाने के लिए उद्धव ठाकरे और हर्षवर्धन सपकाल से उनके नाम पर चर्चा चल रही है. उन्होंने आगे कहा कि शरद पवार के नाम पर एकमत होता है तो चुनाव निर्विरोध हो सकता है.
इसमें महायुति के नेताओं की यह भूमिका है कि अगर उनका नाम आता है तो सातों उम्मीदवारों को नहीं लड़ाया जाएगा, लेकिन किसी और के नाम पर सातों उम्मीदवार खड़ा करने पर विचार कर सकती है.