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बिहार में शहरी क्षेत्र के लोगों को अब मिलेगी सस्ती बिजली, रेट बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज

बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने 2026-27 के लिए बिजली की नई दरों का ऐलान किया है. इसके अनुसार शहरी क्षेत्र में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं का बिजली दर कम कर दिया गया है. राज्य के शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अब सस्ती बिजली मिलेगी. नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी. टैरिफ के मुताबिक आगामी 1 अप्रैल से गांवों की तर्ज पर अब शहरी क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं को भी एक ही दर पर बिजली देने का फैसला लिया है. 

विद्युत विनियामक आयोग ने दो में से एक स्लैब हटा दिया है. इससे शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को 1.53 रुपये प्रति यूनिट का फायदा मिलेगा. 125 यूनिट मुफ्त लिमिट से ज्यादा उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा.

बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज

बिहार विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष आमिर सुबहानि, सदस्य अरुण कुमार सिन्हा और परशुराम सिंह यादव ने बुधवार (18 मार्च) को अनुदान रहित बिजली दर पर निर्णय सुनाया. आयोग ने बिजली दरों में बढ़ोतरी की याचिका की सुनवाई के दौरान पाया कि कंपनी मुनाफे में है, ऐसे में बिजली दरों में किसी तरह की वृद्धि नहीं की जाएगी. सुबहानी ने कहा, ”बिजली कंपनी ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 35 पैसे प्रति यूनिट वृद्धि का प्रस्ताव दिया था जिसे आयोग ने ठुकरा दिया है.”

शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को एक ही दर पर बिजली

आयोग ने शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को एक ही दर पर बिजली देने का निर्णय भी लिया है. इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 42 पैसे, तो शहरी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी 1.20 रुपये प्रति यूनिट सस्ती बिजली दी जाएगी. इससे राज्य भर के 27 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा. दरअसल, पहले शहरी घरेलू उपभोक्ताओं से दो स्लैब में विद्युत उपभोग का पैसा लिया जाता था. पहले स्लैब में 1 से 100 यूनिट तक की खपत पर अनुदान के साथ 4.12 रुपये प्रति यूनिट पैसा लिया जाता था. दूसरे स्लैब में 100 से अधिक यूनिट खर्च पर अनुदान के साथ 5.52 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल आता था.

बिहार में मिल रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली

बता दें कि बिहार में जुलाई 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली मुफ्त दी जा रही है. ग्रामीण और शहरी सभी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को इसका फायदा मिल रहा है. हालांकि, शहरों में गांवों के मुकाबले बिजली का ज्यादा उपभोग होता है. शहरी क्षेत्र में एक परिवार न्यूनतम 200 से 225 यूनिट तक बिजली की खपत करता है. 1 अप्रैल से शहरी उपभोक्ताओं को 1.53 रुपये प्रति यूनिट तक बिजली सस्ती मिलेगी. 

उदाहरण के तौर पर, पटना में रहने वाले किसी परिवार का अप्रैल महीने में विद्युत उपभोग 225 यूनिट होता है, तो उसे 125 यूनिट का पैसा तो नहीं देना होगा, साथ ही उससे ऊपर के 100 यूनिट के उपभोग पर भी उसे 153 रुपये कम देने होंगे. इसी तरह, अगर किसी घर में 300 यूनिट बिजली का उपभोग होता है तो प्रति महीने उसे 268 रुपये की बचत होगी.

मशरूम की खेती करने वाले किसानों भी होगा फायदा

आयोग के अध्यक्ष आमिर सुबहानी ने बताया कि बिजली कंपनी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. कंपनी भी घाटे में न जाए इसका भी ख्याल रखा गया है. इसके अलावा किसानों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. मशरूम की खेती में बिजली अधिक खपत होते थे और उसे कमर्शियल में रखा गया था. अब मशरूम की खेती करने वाले किसानों को कृषि दर से बिजली देना होगा.

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