महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती उपचुनाव को लेकर हलचल अब तेज हो गई है. एनसीपी (अजित पवार गुट) की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार आज (1 अप्रैल) देर दिल्ली पहुंच रही हैं. यहां उनके कई अहम राजनीतिक नेताओं से मिलने का कार्यक्रम तय माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, इस दौरे को बारामती उपचुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
दिल्ली में सुनेत्रा पवार की मुलाकात अमित शाह समेत बीजेपी के कई बड़े नेताओं से हो सकती है. माना जा रहा है कि इन बैठकों में चुनावी समीकरण, समर्थन और संभावित रणनीति पर चर्चा होगी. महाराष्ट्र में पहले से ही बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है.
6 अप्रैल को नामांकन की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, 6 अप्रैल को सुनेत्रा पवार बारामती उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर सकती हैं. इसे लेकर पार्टी ने अंदरूनी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं. संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि चुनावी माहौल को अपने पक्ष में बनाया जा सके. स्थानीय स्तर पर बैठकों और रणनीति पर काम तेजी से चल रहा है, जिससे नामांकन के दिन शक्ति प्रदर्शन भी किया जा सके.
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे से हो सकती है मुलाकात
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस चुनाव को निर्विरोध कराने की कोशिशें चल रही हैं. इसी कड़ी में सुनेत्रा पवार की मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा और दिलचस्प मोड़ हो सकता है.
बारामती सीट क्यों है खास?
बारामती सीट हमेशा से पवार परिवार का गढ़ मानी जाती रही है. ऐसे में इस उपचुनाव पर पूरे राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी नजरें टिकी हुई हैं. सुनेत्रा पवार की सक्रियता और दिल्ली दौरे से साफ है कि इस सीट को लेकर सियासी गतिविधियां आने वाले दिनों में और तेज होने वाली हैं.