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‘बहुत देर कर दी मेहरबां आते-आते..’, कांशीराम को भारत रत्न की मांग पर चंद्रशेखर आजाद ने कांग्रेस का घेरा

कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा कांशीराम को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर आजाद समाज पार्टी के मुखिया और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि तमाम लोग राजनीति के लिए ऐसा कर रहे हैं, लेकिन हम लोग तो सालों से मांग कर रहे हैं. अब अगर सभी लोग ये कह रहे हैं तो फिर सर्वसम्मति ने उन्हें भारत रत्न देना चाहिए. 

चंद्रशेखर आजाद ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहा कि हम तो पहले से ही सदन में ये मांग उठाते आ रहे हैं. एक गाना है ‘बहुत देर करती मेहरबां आते-आते..’ तो देर से ही सही आपको मान्यवर कांशीराम का संघर्ष, उनका समर्पण, उनका त्याग और उनके किरदार के प्रति सम्मान तो आपके मन में आया चाहे चुनावी ही हो लेकिन पैदा तो हुआ. 

चंद्रशेखर ने कांग्रेस से पूछा सवाल

नगीना सांसद ने कांग्रेस पार्टी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि साल 2006 में कांशीराम का निधन हो गया, 2014 तक आपकी सरकार रही, तब आपको क्यों नहीं इसकी याद आई और अब याद इसलिए आया क्योंकि पिछले ग्यारह साल से भीम आर्मी और छह साल से आजाद समाज पार्टी ने जिस तरह का माहौल उत्तर प्रदेश में संघर्ष करके बनाया है. नहीं तो पहले इन दलों में उनके प्रति प्रेम भाव कहां थे. 

चंद्रशेखर ने इसे आजाद समाज पार्टी के बढ़ते प्रभाव का नतीजा बताया और कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने इतना काम किया सबको कांशीराम याद आ रहे हैं. अगर आप किसी महापुरूष का सम्मान कर रहे हैं तो उनके विचारों को भी सम्मान कर रहे हैं. लेकिन अभ उनके विचारों का सम्मान करना और अपनी सत्ता में उन्हें लागू नहीं करना ये दोहरा व्यवहार नहीं चलेगा. 

सर्वसम्मति से भारत रत्न देने की मांग

कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि अब तो सत्ता पक्ष के लोग भी सहमत हैं तो मैं इसे मांग को संसद में उठाऊंगा ताकि  सभी लोगों को सर्वसम्मति से उनको भारत रत्न दिया जाए. इसके साथ ही उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को भी विरोधियों से सावधान रहने की नसीहत दी. 

उन्होंने कहा कि कांशीराम कहते थे कि विरोधी का काम है गुमराह करना और आपका काम है गुमराह न होना और होने देना. तो अपने कैडर को संभालना कि दुश्मन उनको अपने राजनीतिक फायदे के लिए गुमराह न करे. इसलिए हमारे कार्यकर्ता और ज्यादा मेहनत करने की ज़रूरत है. 

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