Bathinda News: पंजाब के बठिंडा विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ड्रग इंस्पेक्टर को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर का नाम रमन बताया जा रहा है, जो मुक्तसर साहिब में तैनात था और बठिंडा में एक दवा फैक्ट्री की जांच के सिलसिले में आया हुआ था.
विजिलेंस टीम ने आरोपी को बठिंडा के माल रोड पर उसकी सरकारी गाड़ी में रिश्वत लेते हुए पकड़ा. टीम ने मौके पर ही उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली.
जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी
विजिलेंस ब्यूरो के इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग को ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी. शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने पूरा प्लान तैयार कर जाल बिछाया.
जांच के दौरान आरोपी को उसकी सरकारी गाड़ी में से 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया. इसके बाद विजिलेंस टीम ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
फैक्ट्री मालिक ने की थी शिकायत
इस मामले में शिकायत करने वाले रोमी बांसल ने बताया कि वह बठिंडा के 400 किला इंडस्ट्रियल एरिया में एक फार्मास्युटिकल फैक्ट्री के मालिक है. उनका आरोप है कि ड्रग इंस्पेक्टर लंबे समय से उन्हें परेशान कर रहा था.
उन्होंने बताया कि पहले उनकी फैक्ट्री को सील कर दिया गया था और जब फैक्ट्री दोबारा खुली तो आरोपी ने 10 लाख रुपये या फैक्ट्री में हिस्सेदारी की मांग की. इसी से परेशान होकर उन्होंने विजिलेंस विभाग को इसकी शिकायत दी थी.
कई फैक्ट्रियों से हिस्सा लेने का आरोप
रोमी बांसल ने यह भी आरोप लगाया कि ड्रग इंस्पेक्टर रमन ने कथित तौर पर कई अन्य फैक्ट्रियों से भी पैसे या हिस्सा लिया था. उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की है ताकि सच सामने आ सके. वहीं, गिरफ्तार ड्रग इंस्पेक्टर रमन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है. उसका कहना है कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है.