पीडीपी की अध्यक्ष और J&K की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार (12 मार्च) को फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले की कोशिश पर हैरानी और गहरी चिंता जताई. उन्होंने इस घटना को सुरक्षा में एक गंभीर चूक बताया. यह बयान तब आया है जब पुलिस ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता पर हुए हमले के बाद एक बड़ी जांच शुरू कर दी है.
इस घटना ने जम्मू और कश्मीर में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. हमले से जुड़े हालात की गहन जांच की मांग की जा रही है. सोशल मीडिया पर महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उन्हें यह जानकर राहत मिली है कि घटना के बाद फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित हैं और ठीक हैं.
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पुलिस चूक की तह तक पहुंचेगी- महबूबा
मुफ्ती ने कहा, “डॉ. फारूक अब्दुल्ला साहब पर हुए गंभीर हमले के बारे में सुनकर मैं स्तब्ध हूं. यह जानकर राहत मिली कि वह सुरक्षित हैं और ठीक हैं.” उन्होंने पुलिस से इस मामले की गहन जांच करने का आग्रह किया. पूर्व सीएम ने आगे कहा, “उम्मीद है कि पुलिस सुरक्षा में हुई इस बेहद परेशान करने वाली चूक की तह तक पहुंचेगी.” पुलिस अधिकारियों ने अभी तक इस घटना के संबंध में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है.
बुधवार रात की घटना
बता दें कि बुधवार (11 मार्च) की रात एक शादी के कार्यक्रम में शामिल होने गए फारूक अब्दुल्ला पर कमल सिंह जामवाल नाम के शख्स ने हमला करने की कोशिश की. आरोपी शख्स जम्मू का ही रहने वाला है. वो फारूक अब्दुल्ला के एकदम करीब आ गया और जैसी ही फायर किया वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे जमीन पर पटक दिया.
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वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर एक फंक्शन में फायरिंग की घटना पर जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा, “मैंने वो मंजर करीब से देखा था…फारूक अब्दुल्ला जो अत्यधिक संरक्षित आदमी हैं, अगर उनपर हमला हो सकता है, तो एक आम आदमी के क्या हालात होंगे? आज यह सवाल खड़ा हो गया है. इस पर विचार करने की जरूरत है.”