पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली जहानाबाद की NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में अब CBI को POCSO एक्ट के तहत भी जांच करने की अनुमति मिल गई है। गृह विभाग ने इसके लिए संशोधित अधिसूचना जारी की है। इस मामले में पटना पुलिस ने 9 जनवरी 2026 को दर्ज FIR में शुरुआत में POCSO एक्ट नहीं लगाया था, जिसे बाद में जोड़ा गया।
CBI जांच में नया मोड़
जहानाबाद की NEET छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच अब नए कानूनी दायरे में आगे बढ़ेगी। गृह विभाग (आरक्षी शाखा) की संशोधित अधिसूचना के बाद CBI को POCSO Act के तहत भी जांच करने का अधिकार मिल गया है. इससे पहले जब मामला CBI को सौंपा गया था, तब जांच की अनुशंसा पुरानी FIR के आधार पर ही की गई थी जिसमें POCSO एक्ट की धाराएं शामिल नहीं थीं.
23 दिन बाद भी जांच जारी
घटना की जांच CBI कर रही है, लेकिन 23 दिन बीत जाने के बाद भी एजेंसी अभी तक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है. मामले में कई पहलुओं की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक CBI ने इस मामले में अब तक करीब 1000 पेज की केस डायरी तैयार कर ली है, जिसमें घटना से जुड़े बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य शामिल किए गए हैं.
कोर्ट में दर्ज होंगे अहम बयान
जांच के अगले चरण में CBI अदालत में छात्रा के माता-पिता और उसकी एक सहेली का बयान दर्ज कराने की तैयारी कर रही है. एजेंसी का मानना है कि इन बयानों से घटना के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्पष्टता मिल सकती है. जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा की मौत से पहले उसके साथ क्या परिस्थितियां बनी थीं और हॉस्टल में उसके आखिरी समय के दौरान क्या हुआ था.
अस्पताल स्टाफ से भी पूछताछ की तैयारी
सूत्रों के अनुसार CBI प्रभात अस्पताल के डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है. इससे पहले भी इसी अस्पताल के एक मेडिकल स्टाफ से लगभग पांच घंटे तक लंबी पूछताछ की जा चुकी है.
एजेंसी का मानना है कि अस्पताल में छात्रा के इलाज और मेडिकल प्रक्रिया से जुड़े तथ्य जांच के लिए अहम साबित हो सकते हैं. इसलिए मेडिकल रिकॉर्ड और स्टाफ के बयानों को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है.