दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ट्रैफिक नियमों को धता बताकर अवैध वसूली करने वाले एक बड़े मार्का-स्टिकर गैंगका भंडाफोड़ करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड जय भगवान और उसका साथी शिवम शर्मा शामिल हैं. इन दोनों की गिरफ्तारी के साथ अब तक इस मामले में कुल 20 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह गिरोह नो-एंट्री के समय मालवाहक गाड़ियों को दिल्ली में घुसाने के लिए ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टरों को नकली स्टिकर या मार्का बेचता था. हर वाहन से हर महीने करीब 2,000 से 5,000 रुपये तक वसूले जाते थे. पुलिस ने आरोपियों के पास से 282 स्टिकर/मार्का, 6 मोबाइल फोन और एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है. जांच में सामने आया कि यह गैंग ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान वीडियो बनाकर उन्हें एडिट करता था और सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर दबाव बनाता था. इसके जरिए वे ट्रकों को नो-एंट्री के दौरान भी निकलवाने की कोशिश करते थे और ड्राइवरों से पैसे ऐंठते थे.
गैंग के मास्टरमाइंड समेत एक आरोपी अरेस्ट
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल की टीम ने पहले 5 मार्च को जय भगवान को गिरफ्तार किया. इसके बाद 6 मार्च को उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से उसके साथी शिवम शर्मा को पकड़ा गया. पुलिस के अनुसार जय भगवान के खिलाफ पहले से हत्या, डकैती, आर्म्स एक्ट और पुलिसकर्मियों से वसूली जैसे चार मामले दर्ज हैं. जांच के दौरान जय भगवान के पास से 265 स्टिकर, पांच मोबाइल फोन और एक कार बरामद हुई, जबकि शिवम शर्मा से 17 स्टिकर और एक मोबाइल फोन मिला है.
दिल्ली पुलिस की मामले में जांच जारी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा. दिल्ली पुलिस का कहना है कि अभी इस मामले में शामिल और भी लोगों की तलाश की जा रही है जल्द ही और लोगों की भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं.