भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर जयपुर स्थित प्रदेश बीजेपी मुख्यालय में उत्साह और जोश का अनोखा माहौल देखने को मिला. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भरी उपस्थिति में पार्टी का ध्वजारोहण किया. इसी कार्यक्रम में मौजुद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बयान को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं. इशारों इशारों में वसुंधरा राजे ने कई निशाने साधे.
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री के दिए गए बयानों को पार्टी के अंदरखाने चल रही गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है. इससे पहले भी पूर्व मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं के सम्मान की बात कही थी और अब एक बार फिर उन्होंने दल बदल और इधर उधर जाने वाले नेताओं को लेकर बयान दिया है.
‘सिर्फ अपना सोचने वालों को पार्टी से खतरा’
जयपुर में बीजेपी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा, “राजनीति में उतार चढ़ाव आते हैं. कई लोग ऐसे हैं, जो दल बदल लेते हैं, लेकिन दिल नहीं बदलते. मानसिकता वही रहती है. पूर्व सीएम ने ये आगे कहा, “ऐसा भी होता है, जो दल बदल लेते हैं, वह दिल भी बदल लेते हैं. पार्टी में जैसे दूध में शक्कर मिलती है, वैसे मिल जाते हैं. लेकिन जो मूल विचारधारा के नेता, कार्यकर्ता हैं, उनको सम्मान मिलना चाहिए. हमको खतरा उनसे है, जो अपना खुद का सोचते हैं. पार्टी का क्या होगा, इसका नहीं सोचते हैं.”
‘अवसरवादियों को नहीं दें मौका’
वसुंधरा राजे ने ये भी कहा, “ऐसे तो कई हैं, जो इधर से उधर गए. उधर से इधर आए. फिर जीत गए. लेकिन नियुक्तियां उनको देनी चाहिए जो पार्टी के लिए समर्पित हैं. जो पार्टी के मूल कार्यकर्ता हैं. जिनमें संगठन के प्रति निष्ठा और समर्पण के भाव हों. जिन्होंने पार्टी के लिए संघर्ष किया है. जो पार्टी विचारधारा के हैं. ऐसे कार्यकर्ताओं को ही मौका मिले, अवसरवादियों को नहीं.”