Skip to content

ट्रेन हादसे में खो दिए हाथ-पैर, लेकिन सपने नहीं; सूरज तिवारी ने एक बार फिर क्रैक किया UPSC एग्जाम

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम घोषित कर दिया है. इस बार भी कई प्रेरणादायक कहानियां सामने आई हैं. इन्हीं में एक नाम है उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के रहने वाले सूरज तिवारी का. सूरज ने एक बार फिर यूपीएससी परीक्षा पास कर सबको हैरान कर दिया है. इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 943 हासिल की है.

सूरज तिवारी की कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं है, बल्कि यह हिम्मत, मेहनत और मजबूत इरादों की मिसाल है. एक भयानक ट्रेन हादसे में उन्होंने अपने दोनों पैर, एक हाथ और दूसरे हाथ की तीन उंगलियां खो दी थीं. इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने सपनों को पूरा करने की राह पर चलते रहे.

मैनपुरी के छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर

सूरज तिवारी उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की कुरावली तहसील के घरनाजपुर इलाके के रहने वाले हैं. उनका बचपन एक साधारण परिवार में बीता. उनके पिता सिलाई का काम करते थे और कुरावली में एक छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का खर्च चलाते थे.

सूरज ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने ही इलाके के महर्षि परशुराम स्कूल से की. इसके बाद उन्होंने साल 2011 में मैनपुरी के एसबीआरएल इंटर कॉलेज से 10वीं की परीक्षा पास की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने बेवर के संपूर्णानंद इंटर कॉलेज से साल 2014 में 12वीं की पढ़ाई पूरी की. सूरज शुरू से पढ़ाई में अच्छे थे और आगे बढ़ने का सपना देखते थे. लेकिन साल 2017 में उनकी जिंदगी में ऐसा हादसा हुआ जिसने सब कुछ बदल दिया.

यह भी पढ़ें – Anuj Agnihotri UPSC Topper: कौन हैं अनुज अग्निहोत्री और कहां के रहने वाले, जिन्हें यूपीएससी की टॉपर लिस्ट में मिला पहला नंबर?

ट्रेन हादसे ने बदल दी जिंदगी

24 जनवरी 2017 को गाजियाबाद के दादरी इलाके में सूरज तिवारी एक ट्रेन हादसे का शिकार हो गए. यह हादसा इतना गंभीर था कि इसमें उन्होंने अपने दोनों पैर, एक हाथ और दूसरे हाथ की दो उंगलियां खो दीं. हादसे के बाद सूरज को कई महीनों तक अस्पताल में रहना पड़ा. घर लौटने के बाद भी उन्हें करीब तीन महीने तक बिस्तर पर ही रहना पड़ा. इस दौरान उनका पूरा परिवार बेहद मुश्किल दौर से गुजरा. इसी बीच उनके भाई का भी निधन हो गया. एक के बाद एक आई इन मुश्किलों ने किसी भी व्यक्ति को तोड़ कर रख दिया होता, लेकिन सूरज ने हार मानने के बजाय आगे बढ़ने का फैसला किया.

मुश्किल हालात में भी पढ़ाई जारी रखी

हादसे के बाद सूरज ने धीरे-धीरे अपने जीवन को फिर से संभालना शुरू किया. साल 2018 में वे दिल्ली आए और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में दाखिला लिया. यहां उन्होंने बीए की पढ़ाई शुरू की. साल 2021 में उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन पूरी की. इसके बाद उन्होंने एमए में भी दाखिला लिया. इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. यूपीएससी परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. लेकिन सूरज ने तय कर लिया था कि वे इस परीक्षा को पास करके ही रहेंगे.

रोज 15 से 17 घंटे की मेहनत

सूरज तिवारी जानते थे कि उनके सामने चुनौतियां ज्यादा हैं. इसके बावजूद उन्होंने पूरी ताकत से तैयारी शुरू कर दी. वे रोज करीब 15 से 17 घंटे तक पढ़ाई करते थे. खास बात यह है कि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया. उन्होंने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर तैयारी जारी रखी. परीक्षा देने के दिन सूरज व्हीलचेयर पर परीक्षा केंद्र पहुंचे. शारीरिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दी.

दूसरी बार पास की UPSC परीक्षा

सूरज तिवारी ने साल 2022 में पहली बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की थी. उस समय उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 917 हासिल की थी. इस रैंक के आधार पर उनका चयन भारतीय सूचना सेवा (IIS) में हुआ था. वर्तमान में वे इसी सेवा में अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं. अब एक बार फिर सूरज तिवारी ने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली है. इस बार उन्होंने 943वीं रैंक हासिल की है.

यह भी पढ़ें –  UPSC सिविल सर्विस में 958 कैंडिडेट्स सफल, जानें इसमें कितने बनेंगे IAS-IPS और IFS-IRS?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *