झारखंड के लातेहार जिले में ग्रामीणों के एक समूह ने कथित तौर पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को ‘जादू टोना करने वाला’ करार देने के बाद उसे पेशाब पीने के लिए मजबूर किया. पीड़ित के बेटे बृजेश मुंडा ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह घटना मंगलवार, 17 मार्च को नेतरहाट पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दौना गांव में हुई.
बेटे ने ने बताया कि ग्रामीणों ने पीड़ित की पत्नी के साथ भी जबरन ऐसा करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया. वहीं, एक स्वास्थ्यकर्मी हीना देवी को ग्रामीणों की इस हरकत का विरोध करने पर पीटा गया और भगा दिया गया.
‘जादू टोने’ के कारण महिला की मौत का आरोप
बृजेश मुंडा ने दावा किया कि यह हमला हाल में एक सड़क दुर्घटना में एक महिला की मौत के बाद हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह उसके पिता के कथित काले जादू के कारण हुआ था. इसके बाद 15 ग्रामीणों के एक समूह ने बैठक बुलाई और कथित हमले से पहले उसके पिता को जादू टोना करने वाला करार दिया.
पुलिस ने बिना शिकायत सुने भेज दिया?
हीना देवी के पति वीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि इस घटना के दौरान उनकी पत्नी को पीटा गया था. वहीं, बृजेश मुंडा ने आरोप लगाया है कि बुधवार, 18 मार्च को पीड़ित ने नेतरहाट पुलिस से संपर्क किया, लेकिन उसे कथित तौर पर वापस भेज दिया गया.
मामले में पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस निरीक्षक (एसपी) कुमार गौरव ने जानकारी दी है कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है. पुलिस की एक टीम ने ग्रामीणों से पूछताछ की है, लेकिन घटना की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है. उन्होंने कहा कि अब तक कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी.