जोधपुर के एक हनुमान मंदिर में पूजा की ‘बारी’ ने ऐसा बवाल खड़ा कर दिया कि एक ही परिवार के लोग आमने-सामने आ गए. मंदिर परिसर में हुई इस तीखी बहस और हंगामे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल, मंदिर की सेवा-पूजा का जिम्मा परिवार के चार भाइयों के बीच सालाना बारी के हिसाब से तय है. हर साल एक भाई को पूजा का अधिकार मिलता है और फिर अगले साल बारी बदल जाती है.
छह बेटियों के बीच सेवा-पूजा को लेकर खड़ा हुआ विवाद
मगर इस बार कहानी में ट्विस्ट आया और एक भाई, जिसकी छह बेटियां हैं, उनके हिस्से की सेवा-पूजा को लेकर विवाद खड़ा हो गया. बेटियों के पक्ष से हक मांगने की बात सामने आई और देखते ही देखते मामला गर्मा गया. मंदिर में ही बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे हंगामे में बदल गई.
सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस पूरे विवाद का हल पहले ही निकाला जा चुका था. मंदिर के पूर्व मुख्य पुजारी स्वर्गीय रणछोड़दास निम्बावत ने अपनी वसीयत में साफ लिखा था कि चारों भाइयों को ही सेवा का मौका मिलेगा. इसके बावजूद अब उसी वसीयत पर सवाल खड़े हो गए हैं.
विश्व हिंदू परिषद ने पुलिस का किया विरोध
सूचना मिलते ही उदय मंदिर थाना के थानाधिकारी सीताराम मौके पर पहुंचे. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सभी को मंदिर से बाहर निकालकर ताला लगवा दिया. लेकिन मामला यहीं नहीं थमा, बल्कि विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने पुलिस थाने पहुंचकर विरोध जताया.
उनका कहना था कि हनुमान जयंती के मौके पर मंदिर बंद रखना श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है. आखिरकार पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंदिर का ताला खुलवाया और मौके पर पुलिस बल को तैनात किया गया. फिलहाल पुलिस की निगरानी में हालात काबू में हैं, लेकिन यह मामला शहर में चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है.