राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए जालोर जिले के भीनमाल में पदस्थापित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) राजेंद्र साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह सख्त आदेश मंगलवार (17 मार्च 2026) को जारी किया गया, जिसके बाद से पूरे न्यायिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
हाई कोर्ट द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, एडीजे राजेंद्र साहू के खिलाफ छह अलग-अलग मामलों में गंभीर आरोपों को लेकर प्रारंभिक जांच चल रही है. जांच प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी रहे तथा किसी भी तरह से प्रभावित न हो, इसी उद्देश्य से उन्हें पद से निलंबित करने की यह बड़ी कार्रवाई की गई है.
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मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर एक्शन
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने ‘राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958’ के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निलंबन आदेश जारी किया है.
निलंबन अवधि के नियम और शर्तें
निलंबन की इस कार्रवाई के साथ ही हाई कोर्ट ने राजेंद्र साहू के लिए कुछ सख्त निर्देश भी जारी किए हैं:
- भत्ता: निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्रदान किया जाएगा.
- नया मुख्यालय: इस दौरान उनका मुख्यालय अब ‘राजस्थान हाई कोर्ट, जोधपुर’ निर्धारित कर दिया गया है.
- उपस्थिति: उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से रजिस्ट्रार जनरल, राजस्थान हाई कोर्ट (जोधपुर) के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं.
- पाबंदी: बिना पूर्व अनुमति के उन्हें अपना निर्धारित मुख्यालय छोड़ने की सख्त मनाही होगी.
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे न्यायिक विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और राजेंद्र साहू के खिलाफ मामलों की आगे की जांच तेजी से की जा रही है.
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