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जम्मू-कश्मीर में जुमात-उल-विदा पर सुरक्षा सख्त, 7 साल बाद जामा मस्जिद में नमाज की उम्मीद

रमजान के पवित्र महीने के आखिरी शुक्रवार (13 मार्च) यानी ‘जुमात-उल-विदा’ को लेकर जम्मू-कश्मीर में तैयारियां तेज हो गई हैं. इस साल जुमात-उल-विदा शुक्रवार, 13 मार्च को मनाया जाएगा. इस मौके को ‘यौम-ए-कुद्स’ (कुद्स दिवस) के रूप में भी मनाया जाता है और ईरान में चल रहे युद्ध के मौजूदा हालातों को देखते हुए पूरी कश्मीर घाटी में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं.

श्रीनगर में कश्मीर के मुफ्ती-आजम नासिर-उल-इस्लाम ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि इस साल जुमात-उल-विदा 13 मार्च को पड़ेगा. उन्होंने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि इसके अगले शुक्रवार (13 मार्च) को ईद-उल-फितर पड़ने की संभावना है.

7 साल बाद जामा मस्जिद में सामूहिक नमाज की उम्मीद

इस बीच, मीरवाइज उमर फारूक की अध्यक्षता में अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद की एक अहम बैठक हुई. बैठक में जुमात-उल-विदा, शब-ए-कद्र और ईद-उल-फितर के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया. औकाफ ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन लगभग सात साल के लंबे अंतराल के बाद पुराने शहर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में सामूहिक नमाज और धार्मिक सभाओं की अनुमति देगा. औकाफ ने आश्वासन दिया है कि नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो, इसके लिए सभी संबंधित सरकारी विभागों के साथ उचित तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा.

‘यौम-ए-कुद्स’ और ईरान युद्ध के कारण सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

जुमात-उल-विदा के दिन को 1980 से ‘यौम-ए-कुद्स’ (मस्जिद-ए-अक्सा की आजादी का दिन) के रूप में भी मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी ने की थी.

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस बार की शुक्रवार (13 मार्च) की नमाज सुरक्षा के लिहाज से एक ‘बड़ी परीक्षा’ होगी. अधिकारियों के मुताबिक, ईरान में चल रहे युद्ध और कुद्स दिवस के मौके का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व घाटी में हिंसक प्रदर्शन भड़का सकते हैं. अयातुल्ला खुमैनी की हत्या के बाद हुई हालिया हिंसा ने पुलिस के लिए एक बड़ी चेतावनी (Wake-up call) का काम किया है.

IGP ने की सुरक्षा समीक्षा, हाई अलर्ट पर पुलिस

घाटी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) वी.के. बिर्दी ने पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की.

  • त्योहारों पर फोकस: शब-ए-बारात, नवरात्र, ईद-उल-फितर और नौरोज जैसे आगामी त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत किया गया है.
  • सख्त निर्देश: अधिकारियों को चौकसी बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में अचानक चेकिंग (Surprise Checks) करने और गश्त तेज करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके.

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