ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर जिला न्यायालय परिसर सोमवार को अखाड़े में तब्दील हो गया. बिसरख पुलिस द्वारा एक अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी के विरोध में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित वकीलों ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि पुलिसकर्मियों को न्यायालय परिसर से दौड़कर बाहर खदेड़ दिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
कोर्ट परिसर से वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि दर्जनों की संख्या में अधिवक्ता पुलिसकर्मियों के पीछे दौड़ रहे हैं और उन्हें परिसर से बाहर जाने पर मजबूर कर रहे हैं. स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है, मामला अधिवक्ता फरीद अहमद से जुड़ा है, जो सूरजपुर न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं. शनिवार की रात बिसरख पुलिस किसी मामले में फरीद अहमद के भाई की तलाश में उनके घर पहुंची थी. भाई के न मिलने पर पुलिस कथित तौर पर अधिवक्ता फरीद अहमद को ही जबरन उठाकर थाने ले गई. पीड़ित का आरोप है कि उन्हें रात भर थाने में बंद रखा गया और बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनके शरीर पर चोट के गंभीर निशान आए हैं.
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए अधिवक्ता
इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन ने इस घटना पर आपात बैठक बुलाई. अध्यक्ष मनोज भाटी की अध्यक्षता में हुए फैसले के अनुसार, सभी अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. वकीलों की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर केवल निलंबन नहीं, बल्कि मुकदमा दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए. जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक अदालती कार्यवाही का बहिष्कार जारी रहेगा.
वकीलों का गुस्सा अभी नहीं हुआ शांत
इस मामले की गंभीरता और वकीलों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की है और उप-निरीक्षक श्रीपाल गिरी, उप-निरीक्षक कृष्ण कुमार और दो अन्य कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया. स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है, लेकिन वकीलों का गुस्सा फिलहाल शांत होता नहीं दिख रहा है.