मुंबई से सटे ठाणे की क्राइम ब्रांच (एंटी एक्सटॉर्शन सेल) को एक बड़ी कामयाबी मिली है. कुख्यात अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर रवि प्रकाश सुल्या पुजारी को ठाणे पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है. वह कासारवडवली पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली और मकोका (MCOCA) के एक बेहद संगीन मामले में लंबे समय से वांटेड (वांछित) था.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गैंगस्टर रवि पुजारी लंबे समय से भारत से फरार था और विदेश में बैठकर अपना आपराधिक सिंडिकेट (नेटवर्क) चला रहा था. उसकी इन्हीं संगठित आपराधिक गतिविधियों के चलते उसके खिलाफ इंटरपोल का ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी किया गया था. काफी मशक्कत के बाद, साल 2019 में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से उसे रिपब्लिक ऑफ सेनेगल (अफ्रीका) में हिरासत में लिया गया था.
बेंगलुरु जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई ठाणे पुलिस
प्रत्यार्पण प्रक्रिया (Extradition) के तहत भारत लाए जाने के बाद से वह बेंगलुरु की जेल में बंद था. ठाणे क्राइम ब्रांच ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे 17 मार्च 2026 की शाम 4:36 बजे बेंगलुरु जेल से अपनी हिरासत में लिया. इसके बाद कासारवडवली थाने के दर्ज मामले में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया.
27 मार्च तक पुलिस रिमांड में भेजा गया डॉन
ठाणे लाए जाने के बाद पुलिस ने कुख्यात आरोपी रवि पुजारी को मकोका (MCOCA) की विशेष अदालत में पेश किया. अदालत ने मामले की गंभीरता और पूछताछ की जरूरत को देखते हुए उसे 27 मार्च 2026 तक पुलिस हिरासत (रिमांड) में भेज दिया है.
मामले की अहम बातें
- संगीन धाराएं: रवि पुजारी पर कासारवडवली थाने में जबरन वसूली, धमकी देने, आपराधिक साजिश रचने (IPC की धारा 385, 387, 120B, 34) और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) 1999 के तहत गंभीर मामला दर्ज है.
- जांच अधिकारी: इस हाई-प्रोफाइल मामले की आगे की गहन जांच ठाणे क्राइम ब्रांच के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विनय घोरपड़े के नेतृत्व में की जा रही है.