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गाजीपुर में LPG के लिए हाहाकार, 10 दिन की वेटिंग, प्रशासन बोला- कमी नहीं, सिर्फ पैनिक है

ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का सीधा असर अब देश के साथ-साथ गाजीपुर जिले की रसोईयों पर भी दिखने लगा है. आगामी ईद के त्योहार से ठीक पहले घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत से हाहाकार मच गया है. 

शहर की गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही खाली सिलेंडर लिए उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं. एक तरफ घंटों इंतजार के बाद भी ग्राहकों को गैस नहीं मिल रही है, तो दूसरी तरफ जिला प्रशासन इसे महज ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) का नाम दे रहा है.

10 दिन की वेटिंग, हाकरों के हवाले सप्लाई

गाजीपुर इंडेन गैस एजेंसी पर सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली, लेकिन यहां से पब्लिक को सीधे सिलेंडर देने से साफ इनकार कर दिया गया. एजेंसी पर पहुंचे गैस ट्रकों से सिलेंडर उतारकर सीधे हाकरों (Hawkers) को सौंपे जा रहे हैं. गैस एजेंसी के मैनेजर का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से आपूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं. इसलिए, जिन ग्राहकों ने एक हफ्ते या 10 दिन पहले एडवांस बुकिंग कराई थी, प्राथमिकता के आधार पर उन्हें हाकरों के माध्यम से होम डिलीवरी की जा रही है. भीड़ में खड़े लोगों ने एजेंसी के इस रवैये पर अपनी नाराजगी (Vox Pop) भी जाहिर की.

20 ग्राहक खड़े, पर बचे हैं सिर्फ 6 सिलेंडर

एचपी (HP) गैस के उपभोक्ताओं को सेवा देने वाली ‘तेजस्व गैस सर्विस’ पर हालात और भी चिंताजनक हैं. लोग अपने वाहनों पर खाली सिलेंडर बांधकर एजेंसी पहुंच रहे हैं. उनका कहना है कि ईद सिर पर है, बुकिंग भी हो गई है और मोबाइल पर OTP भी आ चुका है, इसके बावजूद उन्हें गैस नहीं दी जा रही है और सिर्फ दौड़ाया जा रहा है.

एजेंसी कर्मचारियों का कहना है कि नियमानुसार वे केवल OTP वालों को ही गैस दे रहे हैं. लेकिन असली संकट स्टॉक का है. मौजूदा समय में एजेंसी के पास मात्र 6 भरे हुए गैस सिलेंडर बचे हैं, जबकि बाहर 20 से ज्यादा ग्राहक इंतजार में खड़े हैं, जिससे वहां विवाद की स्थिति पैदा हो रही है.

‘सप्लाई पूरी है, पैनिक की वजह से दिख रही परेशानी’

सड़कों और एजेंसियों पर मचे इस त्राहिमाम के बीच, जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) अनंत प्रसाद सिंह का बयान जमीनी हकीकत से एकदम उलट है. उन्होंने दावा किया कि मांग के सापेक्ष गैस आपूर्ति में कोई कमी नहीं है. पिछले साल मार्च में भी करीब 12,400 गैस सिलेंडरों की आपूर्ति हुई थी और इस बार भी उतना ही कोटा आ रहा है.डीएसओ के मुताबिक, लोग युद्ध की खबरों से ‘पैनिक’ (भयभीत) होकर ज्यादा बुकिंग कर रहे हैं, जिससे यह भीड़ दिख रही है.

उन्होंने आश्वस्त किया कि पूरे जनपद में चल रही 66 गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे पुराने बैकलॉग के आधार पर हाकरों के जरिए समय से होम डिलीवरी सुनिश्चित करें.

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