Skip to content

खामेनेई के प्रतिनिधि से इमरान मसूद ने की मुलाकात, बोले- दुश्मन की मौत पर भी बोलते हैं, ईरान तो हमारा दोस्त

ईरान के मुद्दे पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नेता और राज्यसभा में सांसद सोनिया गांधी के लेख के बाद कांग्रेस के लोकसभा सांसद इमरान मसूद ने ईरान के सुप्रीम लीडर के भारतीय प्रतिनिधि अयातुल्लाह अब्दुल हकीम मजीद इलाही से मुलाकात की. इस दौरान इमरान मसूद ने अयातुल्ला अली खामेनेई के इंतकाल पर शोक जताया. प्रतिनिधि ने बातचीत में कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई गांधी और नेहरू का उल्लेख करते थे, उन्होंने ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ को चार बार पढ़ा था और वे गांधी की विचारधारा से प्रभावित रहे. 

उधर, इस मामले पर इमरान मसूद ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत में कहा कि ईरान हिंदुस्तान का सच्चा दोस्त है और भारत की विदेश नीति परंपरागत रूप से ईरान के साथ रही है, लेकिन मौजूदा सरकार कूटनीतिक जवाबदेही से पलायन कर रही है. 

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कश्मीर मुद्दे पर ईरान ने हिंदुस्तान का साथ दिया था. इमरान मसूद ने यह भी कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या की गई, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से संवेदना के दो शब्द भी नहीं आए, जबकि दुश्मन की मौत पर भी संवेदना व्यक्त की जाती है और ईरान तो भारत का दोस्त रहा है, जो हर बुरे वक्त में हिंदुस्तान के साथ खड़ा रहा है.

सोनिया गांधी ने क्या लिखा है?

बता दें,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की लक्षित हत्या पर सरकार की चुप्पी तटस्थता नहीं बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना है और यह भारत की विदेश नीति की दिशा तथा विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाती है. कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने यह भी मांग की कि संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के टूटने पर सरकार की ‘चिंताजनक चुप्पी’ पर खुलकर और बिना किसी टालमटोल के चर्चा होनी चाहिए.

दैनिक अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित अपने लेख में सोनिया गांधी ने कहा कि हमें नैतिक शक्ति को ‘पुनः खोजने’ और उसे स्पष्टता व प्रतिबद्धता के साथ व्यक्त करने की तत्काल आवश्यकता है. उन्होंने कहा, ‘एक मार्च को ईरान ने पुष्टि की कि उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली हुसैनी खामेनेई की हत्या अमेरिका और इजराइल द्वारा एक दिन पहले किए गए लक्षित हमलों में कर दी गई थी. चल रही वार्ताओं के बीच एक मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष की हत्या समकालीन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक गंभीर दरार पैदा करती है.’

उन्होंने कहा कि फिर भी इस स्तब्ध कर देने वाली घटना से परे नयी दिल्ली की चुप्पी भी हैरान करने वाली है. सोनिया गांधी ने कहा कि भारत सरकार ने न तो हत्या और न ही ईरान की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *