महाराष्ट्र के तत्कालीन डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे द्वारा राष्ट्रवाद कांग्रेस पार्टी (NCP) पर कब्जा करने के आरोपों के बीच, उनके बेटे पार्थ पवार ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे का सपोर्ट करते हुए ऐसी किसी तरह की खबरों का खंडन किया है.
पार्थ पवार ने गुरुवार (2 अप्रैल) को कहा, ”दोनों वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाने वाली खबरें ‘बेबुनियाद और अटकलबाजी’ हैं.” उन्होंने एक बयान में कहा कि इस तरह की बातें ‘महज मनगढ़ंत’ हैं और दावा किया कि इन सम्मानित नेताओं को ‘विवादों’ में घसीटने की कोशिश की जा रही है.”
निराधार आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण- पार्थ पवार
पार्थ ने कहा, ”प्रफुल्ल पटेल और तटकरे ने दशकों से प्रतिबद्धता और नेतृत्व का प्रदर्शन किया है, जो पार्टी का मार्गदर्शन करता आ रहा है. उन्होंने आगे कहा, “इस तरह के निराधार आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इनकी निंदा की जानी चाहिए.” पार्थ का यह बयान उन अटकलों के बीच आया है कि उनकी मां और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार पटेल और तटकरे से नाराज हैं.
रोहित पवार ने क्या किया था दावा?
एनसीपी (शरदचंद पवार) नेता रोहित पवार ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि सुनेत्रा पवार ने 10 मार्च को भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर पार्टी अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति की सूचना दी थी और कहा था कि 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में उनके पति अजित पवार की मृत्यु के बाद पार्टी से प्राप्त किसी भी पूर्व संदेश को नजरअंदाज कर दिया जाना चाहिए. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, पार्टी प्रमुख का पदभार संभालने से पहले निर्वाचन आयोग को भेजे गए एक पत्र के संबंध में पटेल और तटकरे द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण से सुनेत्रा पवार संतुष्ट नहीं थीं.
जय पवार को क्या मिलेगी जिम्मेदारी?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के पूर्व प्रमुख दिवंगत अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार को पार्टी की ‘सर्वोच्च समिति’ में शामिल किया गया है. एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने कहा, ‘‘जय पवार एक युवा नेता हैं और उन्हें कुछ जिम्मेदारी दी जाएगी क्योंकि वह अब हमारी निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्था ‘सर्वोच्च समिति’ का हिस्सा हैं.’’
उन्होंने ये भी बताया कि पार्टी अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा 10 मार्च को भारत निर्वाचन आयोग को भेजे गये पत्र में जय को ‘सर्वोच्च समिति’ के सदस्य के रूप में नामित किया गया था। परांजपे ने कहा, ‘‘जय पवार पार्टी के काम को आगे बढ़ाएंगे और इसके संगठन में योगदान देंगे.’’