हरियाणा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है. चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को देखते हुए कांग्रेस ने ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ का रुख किया है.
शुक्रवार (13 मार्च) शाम हरियाणा कांग्रेस के विधायकों को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला शिफ्ट कर दिया गया. इन विधायकों को कुफरी के दो निजी होटलों में ठहराया गया है, जहां हिमाचल सरकार की ओर से कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
कड़ी सुरक्षा के बीच कुफरी पहुंचा काफिला
संभावित सेंधमारी से बचने के लिए कांग्रेस विधायकों को सोलन के रास्ते शिमला लाया गया. विधायक दो टेंपो ट्रैवलर और करीब 10 अन्य छोटे-बड़े वाहनों के काफिले में कुफरी पहुंचे. होटलों के आसपास पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक है.
ये 6 प्रमुख विधायक नहीं पहुंचे शिमला
शिमला पहुंचे इस काफिले में सबसे ज्यादा चर्चा उन विधायकों की हो रही है जो इसमें शामिल नहीं हुए. कांग्रेस के 6 अहम विधायक शिमला नहीं आए हैं:
- भूपिंदर सिंह हुड्डा (नेता प्रतिपक्ष)
- विनेश फोगाट (जुलाना विधायक)
- चंद्रमोहन बिश्नोई (पंचकूला विधायक)
- कुलदीप वत्स (बादली विधायक)
- मोहम्मद इलियास (पुन्हाना विधायक)
- परमवीर सिंह (टोहाना विधायक)
चंद्रमोहन बिश्नोई के बीच से जाने पर सस्पेंस
शिमला रवाना होने से पहले शुक्रवार दोपहर को नेता प्रतिपक्ष भूपिंदर सिंह हुड्डा के आवास पर विधायकों के लिए लंच का आयोजन किया गया था. इस अहम बैठक में करीब 37 विधायक मौजूद थे.
हालांकि, बैठक के दौरान पंचकूला के विधायक चंद्रमोहन बिश्नोई बीच में ही वहां से चले गए, जिससे सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलों का बाजार गर्म हो गया है.
16 मार्च को होगी वोटिंग
कांग्रेस पार्टी की यह रणनीति पूरी तरह से अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग को रोकने के लिए है. ये सभी विधायक अब सीधे 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव में मतदान करने के लिए पहुंचेंगे और उसके बाद हरियाणा विधानसभा के सत्र में भी भाग लेंगे.