हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने करनाल पहुंचकर राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक घटनाक्रम पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने सत्ता पक्ष (बीजेपी) पर चुनाव के दौरान लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने और जबरन वोट रद्द करवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं.
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर हुड्डा ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मामले में किसी को भी नहीं बचाएगी. जब मीडिया ने सवाल किया कि कांग्रेस प्रभारी ने अब तक केवल चार विधायकों के नाम उजागर किए हैं, तो हुड्डा ने कहा कि एक-दो दिन के भीतर पांचवें विधायक का नाम भी सबके सामने आ जाएगा. हालांकि, उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए यह भी साफ किया कि जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, उनकी ‘विधायकी’ (विधानसभा की सदस्यता) नहीं जाएगी.
‘BJP ने किया लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास’
पूर्व सीएम ने जानकारी दी कि उन्होंने आज राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें चुनाव के दौरान हुए पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है. हुड्डा ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में प्रजातंत्र, विधानसभा की गरिमा और विधायकों के सम्मान को ठेस पहुंचाई गई है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव जीतने के लिए सारे हथकंडे अपनाए गए, जबरदस्ती की गई और जानबूझकर 4 वोट रद्द करवाए गए हैं.
कुलदीप वत्स और शैली चौधरी के बयानों पर दो टूक
कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स द्वारा दिए गए ‘बड़े आकाओं के खेल’ वाले बयान पर हुड्डा ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वत्स ने कुछ गलत नहीं कहा है, यह खेल बीजेपी के ही किसी बड़े नेता ने किया होगा.
वहीं, क्रॉस वोटिंग के आरोपों से घिरीं विधायक शैली चौधरी द्वारा वीडियोग्राफी जारी करने और राजनीति छोड़ने की चुनौती वाले बयान पर हुड्डा ने सख्त रुख अपनाया. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि शैली चौधरी को जो पार्टी की तरफ से कारण बताओ नोटिस भेजा गया है, उन्हें बस उसका जवाब देना चाहिए.