हिमाचल की मंडी सीट से बीजेपी की लोकसभा सांसद कंगना रनौत ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ‘टपोरी’ कह दिया. उनके इस बयान की आलोचना हो रही है. अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि कंगना रनौत स्मृति ईरानी की खाली जगह को भरने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी भी बहुत घमंड में थीं लेकिन सास भी कभी बहू की तरह गायब हो गईं. उनका आज पता नहीं है. कंगना रनौत का भी हाल वही होगा जो स्मृति ईरानी का हुआ. जैसे स्मृति ईरानी राजनीति से गायब हो गईं और उसी तरह कंगना रनौत का भी पता नहीं लगेगा.
बृजभूषण शरण सिंह पर कंगना रनौत क्यों नहीं बोलीं- अलका लांबा
अलका लांबा ने कहा, “राजनीति में शब्दों की नीचता तक वो जा रही हैं. उन्हीं के हिमाचल में उन्हीं के एक विधायक पर नाबालिग बच्चे के बलात्कार में एफआईआर हुई, चार्जशीट हो गया और कोर्ट में पेश होना है. ये बीजेपी का विधायक है. उन्हें कहिए कि उस पर बोलेंगी क्या? आप कुलदीप सिंह सेंगर पर बोलीं? बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे, आप बोलीं? पैरोल पर इतने बलात्कारी बाहर आ रहे हैं, आप बोलीं? आप बिल्कुल नहीं बोलेगीं क्योंकि आप उनके साथ खड़ी हैं.”
अलका लांबा ने पीएम नरेंद्र मोदी से की ये अपील
कांग्रेस की नेता ने कहा, “राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महिलाएं उनसे कितने अपनेपन से मिल रही थीं. महिलाएं भावुक हो रही थीं, गले मिल रही थीं. किसी को असहज महसूस नहीं हुआ. सिर्फ आप ही को क्यों महसूस होता है? सच्चाई ये है कि एक समय पर आपको नशे की बुरी लत थी. आप नशे में रहीं और उस नशे का असर सालों बाद भी लग रहा है कि जा नहीं रहा है. उस नशे का जो असर है, आज भी आप पर दिखता है कि आप मुद्दों पर नहीं बोलतीं. मुझे उनके स्वास्थ्य की चिंता होती है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन करूंगी कि एक राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय नशा मुक्ति आयोग का तुरंत गठन करें और उसका अध्यक्ष अपनी सांसद कंगना रनौत को बना दें.”