भारत में उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए स्थापित राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) एक अर्ध-न्यायिक संस्था है. इसकी स्थापना 1988 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत की गई थी और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है. एनसीडीआरसी का उद्देश्य उपभोक्ता शिकायतों का निपटारा करना, व्यापारिक प्रथाओं को निष्पक्ष बनाना और जनता के अधिकारों की रक्षा करना है.
यह आयोग न सिर्फ उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करता है बल्कि भारत में न्यायपालिका और प्रशासनिक क्षेत्र में करियर बनाने के लिए एक जरूरी अवसर भी प्रदान करता है. अगर आप कानूनी या प्रशासनिक क्षेत्र में नौकरी करने की सोच रहे हैं, तो एनसीडीआरसी आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन है. तो आइए जानते हैं कि उपभोक्ता फोरम में नौकरी कैसे मिलती है और यहां कम से कम कितनी सैलरी होती है.
उपभोक्ता फोरम में नौकरी कैसे मिलती है
एनसीडीआरसी और राज्य/जिला आयोगों में नौकरी पाने के लिए अलग-अलग पद उपलब्ध होते हैं. इनमें न्यायिक सहायक (क्लर्क), लेखा अधिकारी, लेखाकार, स्टेनोग्राफर, उप रजिस्ट्रार और अन्य प्रशासनिक पद शामिल हैं. न्यायिक सहायक या विधि क्लर्क उन लोगों के लिए होते हैं जो कानून की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, और इन्हें एक तय समय के लिए नौकरी पर रखा जाता है. लेखा अधिकारी और लेखाकार के पदों के लिए प्रतिनियुक्ति या सीधी भर्ती की जाती है, जिसमें सेवा रिकॉर्ड, अनुभव और कभी-कभी लिखित परीक्षा या साक्षात्कार देखा जाता है. सदस्य जैसे उच्च पदों के लिए 25 साल के न्यायिक या प्रशासनिक अनुभव वाले पेशेवरों को चयन समिति के जरिए नियुक्त किया जाता है/ राज्य और जिला आयोगों में भी प्रक्रिया लगभग यही होती है, लेकिन कुछ उच्च पदों पर लिखित परीक्षा और मौखिक परीक्षा की जरूरत अलग-अलग तय की जाती है.
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यहां कम से कम कितनी सैलरी होती है?
एनसीडीआरसी में कर्मचारियों की सैलरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के अनुसार तय होती है. जिसमें विधि क्लर्क या न्यायिक सहायक को लगभग 50,000 प्रति माह मिलता है. लेखा अधिकारी का वेतन स्तर-7 के अनुसार 44,900 से 1,42,400 तक होता है और इसके साथ केंद्रीय भत्ते भी मिलते हैं. लेखाकार या कैशियर का वेतन स्तर-6 के अनुसार 35,400 से 1,12,400 तक होता है. सदस्य को ट्रिब्यूनल नियम 2021 के अनुसार विशेष वेतन और भत्ते मिलते हैं. इसके अलावा सभी कर्मचारियों को चिकित्सा, यात्रा और अन्य केंद्रीय लाभ भी दिए जाते हैं.
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