उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने सोमवार (9 मार्च) को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) की विभिन्न याचिकाओं पर जन-सुनवाई का आयोजन किया. यह सुनवाई गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में हुई, जिसमें नई बिजली दरों के प्रस्ताव और डिस्कॉम के पिछले वर्षों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई.
जन-सुनवाई के दौरान, पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (IAS) ने डिस्कॉम की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि विभाग ने अपनी कार्यकुशलता में सुधार करते हुए एटी एंड सी (AT&C) हानियों को घटाकर 11.91 प्रतिशत और डिस्ट्रीब्यूशन लॉस को 11.18 प्रतिशत पर लाने में सफलता प्राप्त की है. डिस्कॉम की कलेक्शन एफिशिएंसी अब 99.18%तक पहुंच गई है, जो विभाग की वित्तीय मजबूती को दर्शाती है.
उपभोक्ताओं की सुविधाओं के लिए उठाए जा रहे कदम- एमडी
उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए एमडी ने बताया कि ‘प्रोब-बिलिंग’, ‘MRI बिलिंग’ और ‘स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली’ को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है. इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली और कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए फेस रिकॉग्निशन अटेंडेंस सिस्टम सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है.
इस अवसर पर मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद सहित विभिन्न जिलों से आए उपभोक्ताओं, जनप्रतिनिधियों और संगठनों ने बिजली दरों व सेवाओं से संबंधित अपने सुझाव और आपत्तियां आयोग के समक्ष रखीं. आयोग ने सभी पक्षों को आश्वासन दिया कि प्राप्त सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा.
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गर्मियों में लोगों को बिजली कटौती की नहीं होगी समस्या- रवीश गुप्ता
रवीश गुप्ता ने यह भी कहा कि गर्मियों में लोगों को बिजली कटौती की कोई समस्या नहीं होगी. उन्होंने बताया कि वर्तमान में निरीक्षण माह चल रहा है और विभाग लगातार उन स्थानों का निरीक्षण कर रहा है जहां बिजली कटौती होती है, ताकि इसके कारणों का पता लगाकर समाधान किया जा सके. कार्यक्रम के अंत में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोग के प्रति आभार व्यक्त किया. इस जन-सुनवाई में आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ निगम के कई निदेशक और अधिकारी उपस्थित रहे.
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