Skip to content

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, औली से बद्रीनाथ तक बर्फबारी, मार्च में बर्फ देख खिले पर्यटकों के चेहरे

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है. रविवार रात हुई बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई, जिससे औली से लेकर बदरीनाथ तक की चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं. मार्च महीने में हुई इस बर्फबारी ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चौंकाया, बल्कि औली पहुंचे पर्यटकों के उत्साह को भी दोगुना कर दिया. रविवार दोपहर से ही मौसम में बदलाव शुरू हो गया था. 

इलाके में जमकर हुई बारिश

पहले हल्की बारिश हुई, लेकिन देर शाम तेज बारिश शुरू हो गई जो रात करीब साढ़े बारह बजे तक जारी रही. सोमवार (16 मार्च) की सुबह जब लोग जागे तो आसपास की अधिकांश ऊंची चोटियां बर्फ से ढकी नजर आईं. औली, बदरीनाथ और गोपेश्वर के सामने की पहाड़ियों का दृश्य बेहद आकर्षक बन गया.

बर्फ देखकर चौंके पर्यटक

औली घूमने आए पर्यटक बर्फ देखकर खासे उत्साहित नजर आए. कई पर्यटकों का कहना था कि मार्च महीने में उन्हें बर्फ देखने की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी. रुड़की से औली पहुंचे पर्यटक विवेक और समृद्धि ने बताया कि मार्च में भी यहां बर्फ देखने को मिलना उनके लिए बेहद खास अनुभव है. उन्होंने कहा कि मौसम की इस मेहरबानी ने उनकी यात्रा को और भी यादगार बना दिया. 

ऊंचाई वाले इलाकों में भी हुई बर्फबारी

ऊंचाई वाले क्षेत्रों के गांवों में भी बर्फबारी का असर देखने को मिला. रामणी, पाणा, ईराणी, झींझी समेत कई गांव सोमवार सुबह तक बर्फ की चादर में ढके रहे. हालांकि सुबह तेज धूप निकलने के बाद कई जगहों पर बर्फ तेजी से पिघलने लगी. इसके बावजूद ठंडी हवाओं के कारण क्षेत्र में ठंडक बनी रही.

बद्रीनाथ में आधा फीट जमी बर्फ

बदरीनाथ धाम में भी बर्फबारी के बाद का दृश्य बेहद मनोहारी हो गया. यहां करीब आधा फीट से अधिक बर्फ जम गई है. सोमवार सुबह जब सूरज की किरणें बर्फ से ढके धाम पर पड़ीं तो पूरा क्षेत्र बेहद आकर्षक नजर आया. बर्फबारी और बारिश से जहां पर्यटकों को खूबसूरत नजारे देखने को मिले, वहीं जंगलों में लगी आग भी बुझ गई, जिससे वन विभाग ने राहत की सांस ली है.

ट्रैकिंग स्थल पर भी दिखा बर्फबारी का असर

बारिश और बर्फबारी का असर क्षेत्र के प्रसिद्ध ट्रैकिंग स्थलों पर भी देखने को मिला. रूपकुंड, आयजन टॉप, आली, वेदनी बुग्याल, ब्रह्मताल बुग्याल और बगजी बुग्याल समेत कई पर्यटन स्थल बर्फ से ढक गए हैं. सोमवार को बर्फबारी का आनंद लेने के लिए ब्रह्मताल और वाण-वेदनी ट्रैक पर करीब 45 पर्यटक पहुंचे.

लोहाजंग के लॉज व्यवसायी और रूपकुंड पर्यटन विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह राणा ने बताया कि ट्रैकिंग कंपनियों विकट एडवेंचर और इंडिया हाइक्स के माध्यम से पर्यटक सोमवार सुबह लोहाजंग से ट्रैकिंग के लिए रवाना हुए. इन क्षेत्रों में एक से दो फीट तक बर्फबारी दर्ज की गई है.

आसपास के इलाके में बढ़ी ठंड

बर्फबारी का असर आसपास के गांवों में भी महसूस किया जा रहा है. वाण, कुलिंग, घेस, बलाण, हिमनी, पिनाऊं, वांक, लोहाजंग और दीदना जैसे गांवों में ठंडी हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई है. वहीं कर्णप्रयाग क्षेत्र में भी मौसम बदलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.

मौसम के इस बदलाव का असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिला. सोमवार सुबह धूप खिलने के बाद दोपहर में अचानक मौसम बदला और फिर से बारिश शुरू हो गई. ठंड बढ़ने के कारण लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े निकालने पड़े. वहीं किसानों और बागवानों के लिए यह बारिश फसलों और बागवानी के लिए लाभकारी मानी जा रही है.

ये भी पढ़ें: UP Weather: पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम, 36 डिग्री तक पहुंचा पारा, वेस्ट यूपी में हल्की बारिश के आसार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *