ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला (Fuel Supply Chain) बाधित हुई है, जिसका सीधा असर भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता पर पड़ा है. इस बीच उत्तराखंड सरकार के मंत्री सतपाल महाराज ने व्यापारियों और आम जनता को आश्वस्त किया है कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए हर संभव कदम उठा रही है.
मंत्री महाराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है. 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और इसमें किसी भी प्रकार की कटौती या कमी नहीं की गई है. सरकार की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों के घरों का चूल्हा बिना किसी बाधा के जलता रहे.
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए ‘स्टॉक मैनेजमेंट’ की सलाह
चूँकि कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है, जिससे होटल और रेस्तरां संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, महाराज ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी विस्तार से चर्चा की है.
उन्होंने व्यापारियों से अपील करते हुए कहा, “वैश्विक परिस्थितियों के कारण सप्लाई चेन पर दबाव है. ऐसे में होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से अपेक्षा है कि वे अपने वर्तमान स्टॉक का प्रबंधन समझदारी से करें. जब तक स्थितियां पूरी तरह सामान्य नहीं हो जातीं, तब तक गैस का सीमित और विवेकपूर्ण उपयोग करें.”
क्यों पैदा हुआ यह संकट?
विदेशी मामलों और ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों की मानें तो पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने समुद्री व्यापार मार्गों को असुरक्षित बना दिया है. भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, और इस युद्ध जैसी स्थिति ने जहाजों की आवाजाही और रिफाइनरियों की वितरण क्षमता को प्रभावित किया है.
मंत्री व्यापारियों को दी ये सलाह
मंत्री सतपाल महाराज ने भरोसा दिलाया है कि यह व्यवधान अस्थायी है. राज्य सरकार केंद्र के साथ समन्वय बिठाकर आपूर्ति को सुचारू करने का प्रयास कर रही है. व्यापारियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी प्रकार की जमाखोरी या कालाबाजारी से बचें, ताकि सीमित संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित हो सके.