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ईरान-इजरायल वॉर में नागौर के दिलीप की मौत, ओमान के पोर्ट पर खड़ी मर्चेंट नेवी की शिप पर मिसाइल अटैक

इस वक्त मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति है ईरान पर अमेरिका और इजरायल का संयुक्त हमला जारी है. ऐसे इजरायल-ईरान तनाव के बीच बढ़ते हमलों ने हालात को गंभीर बना दिया है, जिससे वहां रह रहे भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है. राजस्थान के सैकड़ों प्रवासी भी ओमान, यूएई समेत अन्य देशों में काम कर रहे हैं, जो हालिया ड्रोन और मिसाइल हमलों की गूंज से सहमे हुए हैं.

ईरान पर अमेरिका और इजराइल की ओर से हो रहे हमलों के बीच लगातार प्रवासी भारतीयों को लेकर उनके परिवारों में चिंता बनी हुई है. कई देशों ने इस युद्ध के चलते अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं, जिससे यात्रियों का आवागमन पूरी तरीके से बंद हो गया है.

मर्चेंट नेवी में काम करता था दिलीप

वहीं, इस युद्ध में राजस्थान के नागौर के डेगाना के खींवताना गांव निवासी दिलीप की भी मौत हो गई. दिलीप मर्चेंट नेवी में काम करता था और वो 22 जनवरी को फिर से काम पर लौटने के लिए निकला था. दिलीप एसके एस कृषि मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के जहाज पर काम करता था. जंग के दौरान उनका जहाज ओमान के पोर्ट पर खड़ा था और इसी दौरान एक मिसाइल हमले में दिलीप और बिहार निवासी पायलट आशीष कुमार की मौत हो गई.

हार्ट के मरीज हैं दिलीप के पिता

दिलीप के परिवार वालों ने बताया कि दिलीप से उनकी बात 28 फरवरी को हुई थी और एक मार्च को उनके पास इस घटना की सूचना कंपनी के द्वारा दी गई. हालांकि अब तक दिलीप का शव नहीं मिल पाया है. दिलीप के घर में कमाने वाला और कोई नहीं है. पिता हार्ट के मरीज हैं. इस घटना की सूचना मिलने के बाद से घर में मातम पसरा हुआ है.

परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना के बाद अब तक ना तो स्थानीय प्रशासन उनके पास आया है और न ही सरकार की ओर से कोई सूचना मिली है.

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