उत्तर प्रदेश के रामपुर जेल में बंद सपा नेता आजम खान के करीबी युसूफ मलिक की मुश्किलें बढ़ गयीं हैं. उनके खिलाफ जनपद के गंज थाना पुलिस ने झूठा बयान देने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का मामला दर्ज किया है. युसूफ मलिक ने पिछले दिनों रामपुर जेल में बंद आजम खान के हवाले से बयान दिया था और लोगों से ईद पर पुराने-काले कपड़े पहनने की अपील की थी, जबकि पुलिस के मुताबिक युसूफ की आजम से मुलाकात हुई नहीं थी.
सपा नेता युसूफ मलिक आजम की पत्नी तंजीन फातिमा के साथ रामपुर जेल में मिलने गए थे. उस वक्त फातिमा ने मीडिया को कोई बयान नहीं दिया था. लेकिन युसूफ मलिक ने आजम खान का संदेश कहकर बयान दिया था, जो काफी वायरल हुआ था.
क्या कहा था युसूफ मलिक ने ?
जेल से बाहर निकलने पर युसूफ मलिक ने कहा था, “एक पैगाम आज़म खान साहब ने दिया है, आजम खान साहब ने कहा है मुसलमानों से और खासकर सुन्नी मुसलमानों से अपील है कि इस बार ईद पर काले कपड़े पहनें. हो सके तो नए कपड़े न पहनें. ईरान में जो बच्चियों के साथ हादसा हुआ है, जो 160 बच्चियां इजराइल ने मारी हैं उसका गम काली पट्टियां बांधकर नमाज पढ़ें.काले कपड़े पहने, कहकहे लगाकर न हंसे, मुसलमान सुन्नी मुसलमानों का सहयोग करें, आज़म खान अब्दुल्ला आज़म से मुलकात की है.
युसूफ मलिक के इस बयान ने खूब सुर्खियां बटोरीं थीं. जिसने लोगों के जज्बात प्रभावित किए थे.क्यूंकि रामपुर में आजम को मानने वाले आज भी बड़ी संख्या में हैं.
पुलिस ने अब दर्ज किया बयान
यूसुफ मलिक के इस बयान पर गंज थाने में सब इंस्पेक्टर प्रेमचंद ने मुक़दमा दर्ज करवाया है. जिसमें BNS की धारा 196 (1),353(2) और 57 में मुक़दमा दर्ज है. प्रेमचन्द के मुताबिक युसूफ मलिक ने 14 मार्च को आजम खान से मुलाक़ात नहीं की है. इस तरह के बयाना दो समुदायों में तनाव बढ़ सकता है.
इसके बाद अभी तक युसूफ मलिक या किसी सपा नेता का बयान नहीं आया है. वर्तमान में युसूफ मलिक आजम के सबसे करीबी नेताओं में हैं. उनके परिवार के साथ अक्सर वही नजर आते हैं.