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अलीगढ़ से हवाई सेवा शुरू करने की कवायद तेज, इंडिगो समेत कई एयरलाइंस को भेजा गया प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर और आसपास के जिलों के लोगों के लिए जल्द ही हवाई यात्रा की सुविधा आसान रूप से उपलब्ध हो सकती है. अलीगढ़ विमानपत्तन से नियमित उड़ान सेवा शुरू कराने के लिए प्रशासन ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं. विमानपत्तन प्रशासन द्वारा देश की कई प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों से संपर्क साधा गया है और उन्हें अलीगढ़ से उड़ान संचालन शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं.

यदि कंपनियों की ओर से अंतिम सहमति मिलती है तो आने वाले समय में अलीगढ़ से विभिन्न शहरों के लिए हवाई उड़ानें शुरू हो सकती हैं, जिससे क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है. प्रशासन के अनुसार, अलीगढ़ विमानपत्तन से उड़ान सेवा बहाल कराने के लिए इंडिगो, फ्लाई-91, एलायंस एयर और स्टार एयर जैसी कंपनियों को औपचारिक प्रस्ताव भेजे गए हैं.

इन कंपनियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद उड़ान संचालन शुरू कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. विमानपत्तन प्रशासन का कहना है कि अलीगढ़ और आसपास के जिलों में बड़ी आबादी होने के कारण यहां से उड़ान सेवा शुरू होने की पर्याप्त संभावनाएं हैं और कंपनियों को भी इससे व्यावसायिक लाभ मिल सकता है.

10 महीने ही चल सकी थी हवाई सेवा

कार्यवाहक निदेशक विमानपत्तन प्रशासन अलीगढ़ सत्यव्रत सारस्वत ने जानकारी देते हुए बताया कि 11 मार्च 2024 से 19 दिसंबर 2024 तक फ्लाईबिंग एयरलाइंस द्वारा यहां से नियमित अनुसूचित उड़ान सेवा संचालित की गई थी. उस समय यात्रियों को अलीगढ़ से अन्य शहरों तक हवाई यात्रा की सुविधा मिल रही थी और इसका अच्छा असर  देखने को मिला था. उन्होंने बताया कि फ्लाईबिंग एयरलाइंस ने 24 अक्टूबर 2025 तक के लिए उड़ानों का स्लॉट भी बुक कराया था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों के चलते कंपनी को उड़ान संचालन रोकना पड़ा.

इसके बाद से नियमित यात्री उड़ानें बंद हो गईं, हालांकि विमानपत्तन की गतिविधियां पूरी तरह से बंद नहीं हुईं. भले ही नियमित यात्री उड़ानें फिलहाल बंद हैं, लेकिन अलीगढ़ विमानपत्तन पूरी तरह निष्क्रिय नहीं है. यहां लगातार विमानन प्रशिक्षण और अन्य गतिविधियां संचालित हो रही हैं. विमानपत्तन प्रशासन के अनुसार वर्तमान समय में यहां दो फ्लाइंग क्लब संचालित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन बड़ी संख्या में विमान उड़ान भरते हैं.

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इन फ्लाइंग क्लबों के माध्यम से प्रतिदिन 110 से अधिक विमान मूवमेंट दर्ज किए जा रहे हैं. इसमें प्रशिक्षण उड़ानें, टेक-ऑफ और लैंडिंग शामिल हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि अलीगढ़ विमानपत्तन का उपयोग विमानन प्रशिक्षण और अन्य तकनीकी गतिविधियों के लिए लगातार किया जा रहा है.

प्रशिक्षण के लिए भी बन रहा केंद्र

अलीगढ़ विमानपत्तन धीरे-धीरे विमानन प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है. यहां संचालित फ्लाइंग क्लबों में प्रशिक्षु पायलटों को विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है. रोजाना होने वाली उड़ानों के कारण यहां का रनवे और अन्य सुविधाएं लगातार उपयोग में रहती हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यहां नियमित यात्री उड़ानें भी शुरू हो जाती हैं तो अलीगढ़ विमानपत्तन का महत्व और बढ़ जाएगा. इससे न केवल विमानन प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी.

क्षेत्र के विकास को मिलेगा बढ़ावा

अलीगढ़ और आसपास के जिलों के लिए हवाई सेवा शुरू होना विकास के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अलीगढ़ औद्योगिक और शैक्षणिक दृष्टि से एक प्रमुख शहर है. यहां अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ-साथ ताला उद्योग सहित कई छोटे-बड़े उद्योग भी मौजूद हैं. यदि यहां से नियमित उड़ानें शुरू होती हैं तो व्यापार, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा. स्थानीय उद्योगपतियों और व्यापारियों का कहना है कि हवाई सेवा शुरू होने से देश के अन्य शहरों के साथ संपर्क आसान होगा और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे.

अभी अलीगढ़ और आसपास के जिलों के लोगों को हवाई यात्रा के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों के एयरपोर्ट पर जाना पड़ता है. इससे समय और खर्च दोनों अधिक लगते हैं. यदि अलीगढ़ विमानपत्तन से उड़ानें शुरू होती हैं तो लोगों को काफी राहत मिलेगी और वे सीधे अपने शहर से हवाई यात्रा कर सकेंगे.

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