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अंबाला की साइंस इंडस्ट्री पर भी जंग का असर, LPG सिलेंडर न मिलने से कारोबार ठप

मिडिल ईस्ट देशों में चल रही लड़ाई का असर अब अंबाला की साइंस इंडस्ट्री पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है. अंबाला की साइंस इंडस्ट्री अब लगभग बंद होने के कगार पर है क्योंकि सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई बंद कर दिया है. गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से साइंस इंडस्ट्री के कारोबारियों का काम बंद हो गया है. जिनके पास गैस सिलेंडर का स्टॉक था, उन कंपनियों का काम चल रहा है. व्यापारियों की मानें तो इस हफ्ते में साइंस कारोबार करने वाली सभी कंपनियों का प्रोडक्शन बंद हो जाएगा.

अंबाला की इंडस्ट्री पहले ही दो बार बाढ़ की मार झेल चुकी है और अब एलपीजी गैस न मिलने के चलते भारी नुकसान की कगार पर है. फिलहाल साइंस कारोबारियों को एलपीजी न मिलने के चलते करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है. व्यापारियों की मानें तो एक महीने में लगभग 200 करोड़ का नुकसान होगा.

युद्ध का असर हर किसी पर होता है- डॉ. आशावंत

प्रेसिडेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स के अंबाला के प्रधान डॉ आशावंत ने बताया कि युद्ध अगर कहीं भी होता है तो उसका असर हर किसी पर होता है. उन्होंने कहा, ”इस युद्ध का असर दो तरीके से हो रहा है. गैस न मिलने से इंडस्ट्रीज का काम ठप हो गया जो इंडस्ट्री गैस से चलती थी उसका प्रोडक्शन पूरी तरह से बंद हो गया और दूसरा इफेक्ट रॉ मैटेरियल्स को लेकर है जो पेट्रोकेमिकल्स रॉ मैटेरियल होता है, चाहे वह प्लास्टिक दाना हो या केमिकल हो ,उनके रेट रातोरात डेढ़ से दोगुना बढ़ गए हैं. 

‘आने वाले समय में रेट और भी बढ़ने की संभावना’

उन्होंने कहा, ”आने वाले समय में रेट और भी बढ़ने की संभावना है और जहां तक एलपीजी कमर्शियल सिलेंडर बंद होने की बात की जाए, अंबाला से लगभग 100 करोड़ का साइंस कारोबार एक्सपोर्ट का है और ज्यादातर ग्लासवेयर का काम होता है जिनको बनाने के लिए गैस की जरूरत होती है और अब बाजार में एलपीजी गैस बिल्कुल नहीं मिल रही है. कई इंडस्ट्री गैस न होने के चलते बंद हो चुकी है और कुछ के पास एक-दो दिन का स्टॉक है, वह भी बंद हो जाएगी. जैसे ही प्रोडक्शन बंद होगा तो इसका सीधा असर उसे इंडस्ट्री में भी पड़ेगा जो यह प्रोडक्ट उपयोग कर रहे हैं.

‘LPG नहीं मिली तो अंबाला साइंस कारोबार बिल्कुल बंद हो जाएगा’

डॉ आशावंत ने आगे कहा, ”अगर एलपीजी गैस नहीं मिली तो अंबाला साइंस कारोबार बिल्कुल बंद हो जाएगा, जिसका असर हर जगह पड़ेगा और अंबाला से लगभग 100 करोड़ से ज्यादा का साइंस का सामान एक्सपोर्ट किया जाता है. इसके साथ-साथ पूरे देश में साइंस का सामान अंबाला से सप्लाई होता है जिसका सीधा असर हर इंडस्ट्री पर पड़ेगा. अंबाला में साइंस की ग्लासवेयर और माइक्रोसॉफ्ट की बड़ी इंडस्ट्री है जो एलपीजी गैस पर निर्भर है.

‘पिछले 5 दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा’

उन्होंने कहा, ”पिछले 5 दिन से कोई भी कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा और किसी के पास एक दिन या दो दिन का गैस सिलेंडर का स्टॉक है और यह आखिरी हफ्ता है, गैस सिलेंडर नहीं मिला तो साइंस प्रोडक्शन का काम बिल्कुल बंद हो जाएगा. अंबाला की इंडस्ट्री पहले भी दो बार बाढ़ के मार झेल चुकी है और अब एलपीजी गैस सिलेंडर न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मार्च का महीना है हर कोई व्यापारी अपना आर्डर लेखा-जोखा इस महीने में पूरा करना चाहता है.

डॉ आशावंत ने ये भी कहा कि मार्च में इस तरह की परेशानी आना व्यापारियों के लिए बड़ी खतरे की घंटी है. अभी किसी को कोई पता नहीं है कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर कब मिलेगा कैसे मिलेगा. उन्होंने कहा, ”व्यापारी पर दोहरी मार पड़ रही है एक तो सिलेंडर न होने की वजह से काम बंद हो गया है. दूसरा हर महीने खर्च चुकाना पड़ता है. साथ ही कर्मचारियों को तनख्वाह देना और बिजली का बिल भरना पड़ता है. व्यापारियों का कहना है कि अंबाला की साइंस इंडस्ट्री की एनुअल टर्नओवर करीब 5000 करोड़ का है और मार्च में काम ज्यादा होता है तो स्वाभाविक है कि व्यापारियों को नुकसान ज्यादा होगा.”

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