अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में महिला उद्यमिता को समर्पित एक भव्य राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया. कन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और एसोसिएशन ऑफ डायरेक्ट सेलिंग एंटिटीज ऑफ इंडिया (एडीएसईआई) के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में देशभर से 10 हजार से अधिक महिला उद्यमियों ने भाग लेकर महिला नेतृत्व वाले आर्थिक विकास की नई तस्वीर पेश की.
महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी की सराहना
सम्मेलन का संयुक्त रूप से उद्घाटन केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने किया. कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आई महिला उद्यमियों ने भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए और व्यापार में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की.
केंद्रीय मंत्रियों ने अपने संबोधन में भारत की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण और महिला-नेतृत्व वाले विकास के विज़न का प्रत्यक्ष परिणाम है.
सरकार महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कैट और एडीएसईआई की पहल की सराहना करते हुए कहा कि मोदी सरकार देश की अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार करने और उन्हें सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भारत की विकास यात्रा को और मजबूत बना रही है.
नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सभी प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए महिला उद्यमियों से अपनी सोच को और व्यापक बनाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के माध्यम से महिलाएं भारत की आर्थिक प्रगति में और बड़ा योगदान दे सकती हैं.
महिला नेतृत्व वाले विकास की सफलता का उदाहरण
सभा को संबोधित करते हुए कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि सम्मेलन में इतनी बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों की भागीदारी प्रधानमंत्री मोदी के महिला-नेतृत्व वाले विकास के विज़न की सफलता को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि आज देश की महिलाएं केवल रोजगार खोजने वाली नहीं बल्कि रोजगार सृजक, नवप्रवर्तक और सफल उद्यमी के रूप में उभर रही हैं.
“लखपति दीदी” पहल से लाखों महिलाओं को मिला आर्थिक सशक्तिकरण
प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तीन करोड़ और महिलाओं को इस उपलब्धि से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने महिला उद्यमियों को भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 में सक्रिय भागीदारी के लिए भी आमंत्रित किया, जो महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रदर्शित करने और उनके विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा.
महिला उद्यमिता को नई ऊर्जा देने वाला सम्मेलन
एडीएसईआई के अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि यह सम्मेलन महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर और महिला-नेतृत्व वाले भारत के विज़न को मजबूत आधार प्रदान करते हैं और देशभर की महिलाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करते हैं.